22 अगस्त 2025 को सोलापुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025, सोलापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 अगस्त 2025 को सोलापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (11:56 तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:16, 23 अग॰ तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:10 पर और सूर्यास्त 18:47 पर है। राहुकाल 10:54 से 12:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:10 – 18:47
रात 06:10 तक
तिथि
चतुर्दशी, 11:56 तक
अमावस्या
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:16 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:10 – 07:45सामान्य
लाभ07:45 – 09:19शुभ
अमृत09:19 – 10:54शुभ
काल10:54 – 12:29टालें
शुभ12:29 – 14:03शुभ
रोग14:03 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:13टालें
चर17:13 – 18:47सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:47 – 20:13टालें
काल20:13 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:29टालें
शुभ00:29 – 01:54शुभ
अमृत01:54 – 03:19शुभ
चर03:19 – 04:45सामान्य
रोग04:45 – 06:10टालें

22 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 11:56 तक
अमावस्या 11:36, 23 अग॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:16, 23 अग॰ तक
मघा 00:55, 24 अग॰ तक
योग
वरीयान 14:35 तक
परिघअशुभ 13:19, 23 अग॰ तक
करण
शकुनि 11:56 तक
चतुष्पद 23:42 तक
नाग 11:36, 23 अग॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:16, 23 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:10
सूर्यास्त
18:47
चंद्रोदय
05:06
चंद्रास्त
18:20
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:39 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
10:54 – 12:29
यमगंड
15:38 – 17:13
गुलिक काल
07:45 – 09:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1007:13दिन
बुध07:1308:16दिन
चंद्र08:1609:19दिन
शनि09:1910:22दिन
गुरु10:2211:26दिन
मंगल11:2612:29दिन
सूर्य12:2913:32दिन
शुक्र13:3214:35दिन
बुध14:3515:38दिन
चंद्र15:3816:41दिन
शनि16:4117:44दिन
गुरु17:4418:47दिन
मंगल18:4719:44रात
सूर्य19:4420:41रात
शुक्र20:4121:38रात
बुध21:3822:35रात
चंद्र22:3523:32रात
शनि23:3200:29रात
गुरु00:2901:26रात
मंगल01:2602:23रात
सूर्य02:2303:19रात
शुक्र03:1904:16रात
बुध04:1605:13रात
चंद्र05:1306:10रात

अयनांश 24.2152° (लाहिड़ी)। समय सोलापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।