21 जनवरी 2026 को सोमनाथ (वेरावल) का चौघड़िया

बुधवार, 21 जनवरी 2026, सोमनाथ (वेरावल), भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 21 जनवरी 2026 को सोमनाथ (वेरावल) में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (02:47, 22 जन॰ तक), नक्षत्र धनिष्ठा (13:58 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:27 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 12:59 से 14:22 तक है।

दिन और रात
दिन 07:27 – 18:31
रात 07:27 तक
तिथि
तृतीया, 02:47 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 13:58 तक
शतभिषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:27 – 08:50शुभ
अमृत08:50 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:36टालें
शुभ11:36 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:22टालें
उद्वेग14:22 – 15:45टालें
चर15:45 – 17:08सामान्य
लाभ17:08 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:31 – 20:08टालें
शुभ20:08 – 21:45शुभ
अमृत21:45 – 23:22शुभ
चर23:22 – 00:59सामान्य
रोग00:59 – 02:36टालें
काल02:36 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:50शुभ
उद्वेग05:50 – 07:27टालें

21 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 02:47, 22 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 02:28, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 14:27, 22 जन॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 18:58 तक
वरीयान 17:37, 22 जन॰ तक
करण
तैतिल 14:48 तक
गर 02:47, 22 जन॰ तक
वणिज 14:41, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:27
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
09:10
चंद्रास्त
20:54
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:21 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:59 – 14:22
यमगंड
08:50 – 10:13
गुलिक काल
11:36 – 12:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:2708:23दिन
चंद्र08:2309:18दिन
शनि09:1810:13दिन
गुरु10:1311:09दिन
मंगल11:0912:04दिन
सूर्य12:0412:59दिन
शुक्र12:5913:55दिन
बुध13:5514:50दिन
चंद्र14:5015:45दिन
शनि15:4516:41दिन
गुरु16:4117:36दिन
मंगल17:3618:31दिन
सूर्य18:3119:36रात
शुक्र19:3620:41रात
बुध20:4121:45रात
चंद्र21:4522:50रात
शनि22:5023:55रात
गुरु23:5500:59रात
मंगल00:5902:04रात
सूर्य02:0403:09रात
शुक्र03:0904:13रात
बुध04:1305:18रात
चंद्र05:1806:22रात
शनि06:2207:27रात

अयनांश 24.2210° (लाहिड़ी)। समय सोमनाथ (वेरावल) (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।