18 मार्च 2025 को श्रीनगर का चौघड़िया

मंगलवार, 18 मार्च 2025, श्रीनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 18 मार्च 2025 को श्रीनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:09 तक), नक्षत्र स्वाति (17:51 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 15:39 से 17:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:40
रात 06:35 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:09 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 17:51 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:37 – 08:07टालें
उद्वेग08:07 – 09:38टालें
चर09:38 – 11:08सामान्य
लाभ11:08 – 12:39शुभ
अमृत12:39 – 14:09शुभ
काल14:09 – 15:39टालें
शुभ15:39 – 17:10शुभ
रोग17:10 – 18:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:40 – 20:10टालें
लाभ20:10 – 21:39शुभ
उद्वेग21:39 – 23:08टालें
शुभ23:08 – 00:38शुभ
अमृत00:38 – 02:07शुभ
चर02:07 – 03:37सामान्य
रोग03:37 – 05:06टालें
काल05:06 – 06:35टालें

18 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:09 तक
कृष्ण पंचमी 00:37, 20 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 17:51 तक
विशाखा 20:50, 19 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 16:43 तक
हर्षण 17:37, 19 मार्च तक
करण
बव 08:52 तक
बालव 22:09 तक
कौलव 11:25, 19 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
22:35
चंद्रास्त
08:19
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:01 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:14 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
15:39 – 17:10
यमगंड
09:38 – 11:08
गुलिक काल
12:39 – 14:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3707:37दिन
सूर्य07:3708:37दिन
शुक्र08:3709:38दिन
बुध09:3810:38दिन
चंद्र10:3811:38दिन
शनि11:3812:39दिन
गुरु12:3913:39दिन
मंगल13:3914:39दिन
सूर्य14:3915:39दिन
शुक्र15:3916:40दिन
बुध16:4017:40दिन
चंद्र17:4018:40दिन
शनि18:4019:40रात
गुरु19:4020:39रात
मंगल20:3921:39रात
सूर्य21:3922:39रात
शुक्र22:3923:38रात
बुध23:3800:38रात
चंद्र00:3801:37रात
शनि01:3702:37रात
गुरु02:3703:37रात
मंगल03:3704:36रात
सूर्य04:3605:36रात
शुक्र05:3606:35रात

अयनांश 24.2092° (लाहिड़ी)। समय श्रीनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।