1 मार्च 2026 को सूरत का चौघड़िया

रविवार, 1 मार्च 2026, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 1 मार्च 2026 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (19:09 तक), नक्षत्र पुष्य (08:34 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 17:14 से 18:42 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:42
रात 06:58 तक
तिथि
त्रयोदशी, 19:09 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:59 – 08:27टालें
चर08:27 – 09:55सामान्य
लाभ09:55 – 11:23शुभ
अमृत11:23 – 12:51शुभ
काल12:51 – 14:19टालें
शुभ14:19 – 15:47शुभ
रोग15:47 – 17:14टालें
उद्वेग17:14 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:42 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 21:46शुभ
चर21:46 – 23:18सामान्य
रोग23:18 – 00:50टालें
काल00:50 – 02:22टालें
लाभ02:22 – 03:54शुभ
उद्वेग03:54 – 05:26टालें
शुभ05:26 – 06:58शुभ

1 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 19:09 तक
शुक्ल चतुर्दशी 17:56, 2 मार्च तक
नक्षत्र
पुष्य 08:34 तक
आश्लेषा 07:51, 2 मार्च तक
योग
शोभन 14:33 तक
अतिगंडअशुभ 12:19, 2 मार्च तक
करण
कौलव 07:54 तक
तैतिल 19:09 तक
गर 06:30, 2 मार्च तक
वणिज 17:56, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
16:47
चंद्रास्त
05:25
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
12:27 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
17:14 – 18:42
यमगंड
12:51 – 14:19
गुलिक काल
15:47 – 17:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5907:57दिन
शुक्र07:5708:56दिन
बुध08:5609:55दिन
चंद्र09:5510:53दिन
शनि10:5311:52दिन
गुरु11:5212:51दिन
मंगल12:5113:49दिन
सूर्य13:4914:48दिन
शुक्र14:4815:47दिन
बुध15:4716:45दिन
चंद्र16:4517:44दिन
शनि17:4418:42दिन
गुरु18:4219:44रात
मंगल19:4420:45रात
सूर्य20:4521:46रात
शुक्र21:4622:48रात
बुध22:4823:49रात
चंद्र23:4900:50रात
शनि00:5001:52रात
गुरु01:5202:53रात
मंगल02:5303:54रात
सूर्य03:5404:55रात
शुक्र04:5505:57रात
बुध05:5706:58रात

अयनांश 24.2225° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।