12 अक्टूबर 2026 को सूरत का चौघड़िया

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (22:13 तक), नक्षत्र स्वाति (23:52 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:33 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:33 – 18:17
रात 06:33 तक
तिथि
द्वितीया, 22:13 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 23:52 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:33 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 10:57शुभ
रोग10:57 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 13:53टालें
चर13:53 – 15:21सामान्य
लाभ15:21 – 16:49शुभ
अमृत16:49 – 18:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:17 – 19:49सामान्य
रोग19:49 – 21:21टालें
काल21:21 – 22:53टालें
लाभ22:53 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:57टालें
शुभ01:57 – 03:29शुभ
अमृत03:29 – 05:01शुभ
चर05:01 – 06:33सामान्य

12 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 22:13 तक
शुक्ल तृतीया 23:28, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 23:52 तक
विशाखा 01:43, 14 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 20:32 तक
प्रीति 20:23, 13 अक्टू॰ तक
करण
बालव 09:48 तक
कौलव 22:13 तक
तैतिल 10:46, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:33
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
07:52
चंद्रास्त
19:12
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:44
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:29
यमगंड
10:57 – 12:25
गुलिक काल
13:53 – 15:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3307:31दिन
शनि07:3108:30दिन
गुरु08:3009:29दिन
मंगल09:2910:27दिन
सूर्य10:2711:26दिन
शुक्र11:2612:25दिन
बुध12:2513:23दिन
चंद्र13:2314:22दिन
शनि14:2215:21दिन
गुरु15:2116:19दिन
मंगल16:1917:18दिन
सूर्य17:1818:17दिन
शुक्र18:1719:18रात
बुध19:1820:19रात
चंद्र20:1921:21रात
शनि21:2122:22रात
गुरु22:2223:23रात
मंगल23:2300:25रात
सूर्य00:2501:26रात
शुक्र01:2602:27रात
बुध02:2703:29रात
चंद्र03:2904:30रात
शनि04:3005:32रात
गुरु05:3206:33रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।