11 सितंबर 2028 को सूरत का चौघड़िया

सोमवार, 11 सितंबर 2028, सूरत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 11 सितंबर 2028 को सूरत में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (18:10 तक), नक्षत्र रोहिणी (02:11, 12 सित॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 18:45 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:29 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 18:45
रात 06:25 तक
तिथि
सप्तमी, 18:10 तक
अष्टमी
नक्षत्र
रोहिणी, 02:11 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:24 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:29टालें
शुभ09:29 – 11:02शुभ
रोग11:02 – 12:35टालें
उद्वेग12:35 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:40सामान्य
लाभ15:40 – 17:12शुभ
अमृत17:12 – 18:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:45 – 20:12सामान्य
रोग20:12 – 21:40टालें
काल21:40 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:35शुभ
उद्वेग00:35 – 02:02टालें
शुभ02:02 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 04:57शुभ
चर04:57 – 06:25सामान्य

11 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 18:10 तक
कृष्ण अष्टमी 18:10, 12 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 02:11, 12 सित॰ तक
मृगशिरा 02:36, 13 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 04:26, 12 सित॰ तक
सिद्धि 03:08, 13 सित॰ तक
करण
बव 18:10 तक
बालव 06:15, 12 सित॰ तक
कौलव 18:10, 12 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
18:45
चंद्रोदय
23:29
चंद्रास्त
12:29
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:59

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:29
यमगंड
11:02 – 12:35
गुलिक काल
14:07 – 15:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2407:26दिन
शनि07:2608:28दिन
गुरु08:2809:29दिन
मंगल09:2910:31दिन
सूर्य10:3111:33दिन
शुक्र11:3312:35दिन
बुध12:3513:36दिन
चंद्र13:3614:38दिन
शनि14:3815:40दिन
गुरु15:4016:41दिन
मंगल16:4117:43दिन
सूर्य17:4318:45दिन
शुक्र18:4519:43रात
बुध19:4320:41रात
चंद्र20:4121:40रात
शनि21:4022:38रात
गुरु22:3823:36रात
मंगल23:3600:35रात
सूर्य00:3501:33रात
शुक्र01:3302:31रात
बुध02:3103:30रात
चंद्र03:3004:28रात
शनि04:2805:26रात
गुरु05:2606:25रात

अयनांश 24.2579° (लाहिड़ी)। समय सूरत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।