11 अक्टूबर 2025 को सुवा का चौघड़िया

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

शनिवार, 11 अक्टूबर 2025 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (23:14 तक), नक्षत्र रोहिणी (21:50 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:05 पर है। राहुकाल 08:46 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:05
रात 05:39 तक
तिथि
पंचमी, 23:14 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 21:50 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:40 – 07:13टालें
शुभ07:13 – 08:46शुभ
रोग08:46 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:53टालें
चर11:53 – 13:26सामान्य
लाभ13:26 – 14:59शुभ
अमृत14:59 – 16:32शुभ
काल16:32 – 18:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:05 – 19:32शुभ
उद्वेग19:32 – 20:59टालें
शुभ20:59 – 22:26शुभ
अमृत22:26 – 23:52शुभ
चर23:52 – 01:19सामान्य
रोग01:19 – 02:46टालें
काल02:46 – 04:13टालें
लाभ04:13 – 05:39शुभ

11 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 23:14 तक
कृष्ण षष्ठी 20:47, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 21:50 तक
मृगशिरा 20:06, 12 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 20:37 तक
वरीयान 17:25, 12 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 12:38 तक
तैतिल 23:14 तक
गर 09:56, 12 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:05
चंद्रोदय
22:31
चंद्रास्त
08:36
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
08:46 – 10:20
यमगंड
13:26 – 14:59
गुलिक काल
05:40 – 07:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4006:42दिन
गुरु06:4207:44दिन
मंगल07:4408:46दिन
सूर्य08:4609:48दिन
शुक्र09:4810:51दिन
बुध10:5111:53दिन
चंद्र11:5312:55दिन
शनि12:5513:57दिन
गुरु13:5714:59दिन
मंगल14:5916:01दिन
सूर्य16:0117:03दिन
शुक्र17:0318:05दिन
बुध18:0519:03रात
चंद्र19:0320:01रात
शनि20:0120:59रात
गुरु20:5921:57रात
मंगल21:5722:55रात
सूर्य22:5523:52रात
शुक्र23:5200:50रात
बुध00:5001:48रात
चंद्र01:4802:46रात
शनि02:4603:44रात
गुरु03:4404:41रात
मंगल04:4105:39रात

अयनांश 24.2171° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।