11 जनवरी 2026 को सुवा का चौघड़िया

रविवार, 11 जनवरी 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

रविवार, 11 जनवरी 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (16:50 तक), नक्षत्र चित्रा (00:42, 12 जन॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:48 पर है। राहुकाल 17:09 से 18:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:48
रात 05:40 तक
तिथि
अष्टमी, 16:50 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 00:42 तक
स्वाति
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:39 – 07:18टालें
चर07:18 – 08:56सामान्य
लाभ08:56 – 10:35शुभ
अमृत10:35 – 12:13शुभ
काल12:13 – 13:52टालें
शुभ13:52 – 15:30शुभ
रोग15:30 – 17:09टालें
उद्वेग17:09 – 18:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:48 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:31शुभ
चर21:31 – 22:52सामान्य
रोग22:52 – 00:14टालें
काल00:14 – 01:35टालें
लाभ01:35 – 02:57शुभ
उद्वेग02:57 – 04:18टालें
शुभ04:18 – 05:40शुभ

11 जनवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 16:50 तक
कृष्ण नवमी 19:13, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 00:42, 12 जन॰ तक
स्वाति 03:35, 13 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 23:57 तक
धृति 00:42, 13 जन॰ तक
करण
कौलव 16:50 तक
तैतिल 05:59, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 11:22 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:48
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
12:27
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:12 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
17:09 – 18:48
यमगंड
12:13 – 13:52
गुलिक काल
15:30 – 17:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3906:45दिन
शुक्र06:4507:51दिन
बुध07:5108:56दिन
चंद्र08:5610:02दिन
शनि10:0211:08दिन
गुरु11:0812:13दिन
मंगल12:1313:19दिन
सूर्य13:1914:25दिन
शुक्र14:2515:30दिन
बुध15:3016:36दिन
चंद्र16:3617:42दिन
शनि17:4218:48दिन
गुरु18:4819:42रात
मंगल19:4220:36रात
सूर्य20:3621:31रात
शुक्र21:3122:25रात
बुध22:2523:19रात
चंद्र23:1900:14रात
शनि00:1401:08रात
गुरु01:0802:03रात
मंगल02:0302:57रात
सूर्य02:5703:51रात
शुक्र03:5104:46रात
बुध04:4605:40रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।