14 अक्टूबर 2026 को सुवा का चौघड़िया

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026, सुवा, फ़िजी। समय Pacific/Fiji में है।

बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सुवा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (05:58 तक), नक्षत्र विशाखा (08:13 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 11:52 से 13:26 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:06
रात 05:37 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:38 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:45शुभ
काल08:45 – 10:19टालें
शुभ10:19 – 11:52शुभ
रोग11:52 – 13:26टालें
उद्वेग13:26 – 14:59टालें
चर14:59 – 16:33सामान्य
लाभ16:33 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:06 – 19:33टालें
शुभ19:33 – 20:59शुभ
अमृत20:59 – 22:25शुभ
चर22:25 – 23:52सामान्य
रोग23:52 – 01:18टालें
काल01:18 – 02:44टालें
लाभ02:44 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:37टालें

14 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 05:58 तक
शुक्ल चतुर्थी 07:43, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 08:13 तक
अनुराधा 10:33, 15 अक्टू॰ तक
योग
आयुष्मान 03:09, 15 अक्टू॰ तक
सौभाग्य 03:45, 16 अक्टू॰ तक
करण
गर 05:58 तक
वणिज 18:47 तक
विष्टि (भद्रा) 07:43, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
07:37
चंद्रास्त
21:15
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:17 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:52 – 13:26
यमगंड
07:11 – 08:45
गुलिक काल
10:19 – 11:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3806:40दिन
चंद्र06:4007:43दिन
शनि07:4308:45दिन
गुरु08:4509:47दिन
मंगल09:4710:50दिन
सूर्य10:5011:52दिन
शुक्र11:5212:54दिन
बुध12:5413:57दिन
चंद्र13:5714:59दिन
शनि14:5916:01दिन
गुरु16:0117:04दिन
मंगल17:0418:06दिन
सूर्य18:0619:04रात
शुक्र19:0420:01रात
बुध20:0120:59रात
चंद्र20:5921:57रात
शनि21:5722:54रात
गुरु22:5423:52रात
मंगल23:5200:49रात
सूर्य00:4901:47रात
शुक्र01:4702:44रात
बुध02:4403:42रात
चंद्र03:4204:40रात
शनि04:4005:37रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय सुवा (Pacific/Fiji) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।