14 जनवरी 2028 को त्रिशूर का चौघड़िया

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028, त्रिशूर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 14 जनवरी 2028 को त्रिशूर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (23:17 तक), नक्षत्र आश्लेषा (13:56 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 11:07 से 12:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:21
रात 06:47 तक
तिथि
तृतीया, 23:17 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 13:56 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:46 – 08:13सामान्य
लाभ08:13 – 09:40शुभ
अमृत09:40 – 11:07शुभ
काल11:07 – 12:33टालें
शुभ12:33 – 14:00शुभ
रोग14:00 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:54टालें
चर16:54 – 18:21सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:21 – 19:54टालें
काल19:54 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 23:00शुभ
उद्वेग23:00 – 00:34टालें
शुभ00:34 – 02:07शुभ
अमृत02:07 – 03:40शुभ
चर03:40 – 05:13सामान्य
रोग05:13 – 06:47टालें

14 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 23:17 तक
कृष्ण चतुर्थी 20:11, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 11:25, 15 जन॰ तक
योग
प्रीति 09:47 तक
आयुष्मान 05:51, 15 जन॰ तक
सौभाग्य 02:10, 16 जन॰ तक
करण
वणिज 12:57 तक
विष्टि (भद्रा) 23:17 तक
बव 09:41, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 13:56 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
20:43
चंद्रास्त
08:32
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
11:07 – 12:33
यमगंड
15:27 – 16:54
गुलिक काल
08:13 – 09:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:4607:44दिन
बुध07:4408:42दिन
चंद्र08:4209:40दिन
शनि09:4010:38दिन
गुरु10:3811:36दिन
मंगल11:3612:33दिन
सूर्य12:3313:31दिन
शुक्र13:3114:29दिन
बुध14:2915:27दिन
चंद्र15:2716:25दिन
शनि16:2517:23दिन
गुरु17:2318:21दिन
मंगल18:2119:23रात
सूर्य19:2320:25रात
शुक्र20:2521:27रात
बुध21:2722:29रात
चंद्र22:2923:31रात
शनि23:3100:34रात
गुरु00:3401:36रात
मंगल01:3602:38रात
सूर्य02:3803:40रात
शुक्र03:4004:42रात
बुध04:4205:44रात
चंद्र05:4406:47रात

अयनांश 24.2487° (लाहिड़ी)। समय त्रिशूर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।