14 मार्च 2028 को उदयपुर का चौघड़िया

मंगलवार, 14 मार्च 2028, उदयपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 मार्च 2028 को उदयपुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (18:23 तक), नक्षत्र स्वाति (21:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:45 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 15:44 से 17:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:45 – 18:43
रात 06:44 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 21:26 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:45 – 08:14टालें
उद्वेग08:14 – 09:44टालें
चर09:44 – 11:14सामान्य
लाभ11:14 – 12:44शुभ
अमृत12:44 – 14:14शुभ
काल14:14 – 15:44टालें
शुभ15:44 – 17:13शुभ
रोग17:13 – 18:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:43 – 20:13टालें
लाभ20:13 – 21:43शुभ
उद्वेग21:43 – 23:13टालें
शुभ23:13 – 00:43शुभ
अमृत00:43 – 02:13शुभ
चर02:13 – 03:43सामान्य
रोग03:43 – 05:13टालें
काल05:13 – 06:44टालें

14 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 18:23 तक
कृष्ण पंचमी 16:52, 15 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 21:26 तक
विशाखा 20:45, 15 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 02:15, 15 मार्च तक
हर्षण 00:06, 16 मार्च तक
करण
बव 07:26 तक
बालव 18:23 तक
कौलव 05:31, 15 मार्च तक
तैतिल 16:52, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:45
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
22:28
चंद्रास्त
08:40
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
15:44 – 17:13
यमगंड
09:44 – 11:14
गुलिक काल
12:44 – 14:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:4507:44दिन
सूर्य07:4408:44दिन
शुक्र08:4409:44दिन
बुध09:4410:44दिन
चंद्र10:4411:44दिन
शनि11:4412:44दिन
गुरु12:4413:44दिन
मंगल13:4414:44दिन
सूर्य14:4415:44दिन
शुक्र15:4416:44दिन
बुध16:4417:43दिन
चंद्र17:4318:43दिन
शनि18:4319:43रात
गुरु19:4320:43रात
मंगल20:4321:43रात
सूर्य21:4322:43रात
शुक्र22:4323:43रात
बुध23:4300:43रात
चंद्र00:4301:43रात
शनि01:4302:43रात
गुरु02:4303:43रात
मंगल03:4304:43रात
सूर्य04:4305:43रात
शुक्र05:4306:44रात

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय उदयपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।