9 अक्टूबर 2027 को उडुपी का चौघड़िया

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027, उडुपी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 9 अक्टूबर 2027 को उडुपी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:02 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (10:18 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 09:19 से 10:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 18:15
रात 06:20 तक
तिथि
नवमी, 09:02 तक
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 10:18 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:20 – 07:50टालें
शुभ07:50 – 09:19शुभ
रोग09:19 – 10:48टालें
उद्वेग10:48 – 12:18टालें
चर12:18 – 13:47सामान्य
लाभ13:47 – 15:17शुभ
अमृत15:17 – 16:46शुभ
काल16:46 – 18:15टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:15 – 19:46शुभ
उद्वेग19:46 – 21:17टालें
शुभ21:17 – 22:47शुभ
अमृत22:47 – 00:18शुभ
चर00:18 – 01:49सामान्य
रोग01:49 – 03:19टालें
काल03:19 – 04:50टालें
लाभ04:50 – 06:20शुभ

9 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:02 तक
शुक्ल दशमी 11:41, 10 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:25, 10 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 13:52 तक
धृति 14:54, 10 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 09:02 तक
तैतिल 22:22 तक
गर 11:41, 10 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
14:13
चंद्रास्त
01:09
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:19 – 10:48
यमगंड
13:47 – 15:17
गुलिक काल
06:20 – 07:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2007:20दिन
गुरु07:2008:20दिन
मंगल08:2009:19दिन
सूर्य09:1910:19दिन
शुक्र10:1911:18दिन
बुध11:1812:18दिन
चंद्र12:1813:17दिन
शनि13:1714:17दिन
गुरु14:1715:17दिन
मंगल15:1716:16दिन
सूर्य16:1617:16दिन
शुक्र17:1618:15दिन
बुध18:1519:16रात
चंद्र19:1620:16रात
शनि20:1621:17रात
गुरु21:1722:17रात
मंगल22:1723:17रात
सूर्य23:1700:18रात
शुक्र00:1801:18रात
बुध01:1802:19रात
चंद्र02:1903:19रात
शनि03:1904:20रात
गुरु04:2005:20रात
मंगल05:2006:20रात

अयनांश 24.2450° (लाहिड़ी)। समय उडुपी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।