25 फ़रवरी 2029 को उडुपी का चौघड़िया

रविवार, 25 फ़रवरी 2029, उडुपी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 25 फ़रवरी 2029 को उडुपी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (09:11 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (00:24, 26 फ़र॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 17:10 से 18:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 18:38
रात 06:48 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 00:24 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:49 – 08:17टालें
चर08:17 – 09:46सामान्य
लाभ09:46 – 11:15शुभ
अमृत11:15 – 12:44शुभ
काल12:44 – 14:12टालें
शुभ14:12 – 15:41शुभ
रोग15:41 – 17:10टालें
उद्वेग17:10 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:38 – 20:10शुभ
अमृत20:10 – 21:41शुभ
चर21:41 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:43टालें
काल00:43 – 02:15टालें
लाभ02:15 – 03:46शुभ
उद्वेग03:46 – 05:17टालें
शुभ05:17 – 06:48शुभ

25 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 09:11 तक
शुक्ल द्वादशी 07:29, 26 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 00:24, 26 फ़र॰ तक
पुष्य 22:54, 26 फ़र॰ तक
योग
आयुष्मान 13:54 तक
सौभाग्य 11:13, 26 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:11 तक
बव 20:26 तक
बालव 07:29, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 18:40 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
15:24
चंद्रास्त
03:40
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:20 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
17:10 – 18:38
यमगंड
12:44 – 14:12
गुलिक काल
15:41 – 17:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4907:48दिन
शुक्र07:4808:47दिन
बुध08:4709:46दिन
चंद्र09:4610:45दिन
शनि10:4511:44दिन
गुरु11:4412:44दिन
मंगल12:4413:43दिन
सूर्य13:4314:42दिन
शुक्र14:4215:41दिन
बुध15:4116:40दिन
चंद्र16:4017:39दिन
शनि17:3918:38दिन
गुरु18:3819:39रात
मंगल19:3920:40रात
सूर्य20:4021:41रात
शुक्र21:4122:42रात
बुध22:4223:43रात
चंद्र23:4300:43रात
शनि00:4301:44रात
गुरु01:4402:45रात
मंगल02:4503:46रात
सूर्य03:4604:47रात
शुक्र04:4705:47रात
बुध05:4706:48रात

अयनांश 24.2643° (लाहिड़ी)। समय उडुपी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।