25 मार्च 2027 को उज्जैन का चौघड़िया

गुरुवार, 25 मार्च 2027, उज्जैन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 मार्च 2027 को उज्जैन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (12:38 तक), नक्षत्र स्वाति (19:39 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 14:04 से 15:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:39
रात 06:25 तक
तिथि
तृतीया, 12:38 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
स्वाति, 19:39 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:26 – 07:58शुभ
रोग07:58 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 11:01टालें
चर11:01 – 12:33सामान्य
लाभ12:33 – 14:04शुभ
अमृत14:04 – 15:36शुभ
काल15:36 – 17:08टालें
शुभ17:08 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:39 – 20:07शुभ
चर20:07 – 21:36सामान्य
रोग21:36 – 23:04टालें
काल23:04 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:00शुभ
उद्वेग02:00 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:25शुभ

25 मार्च 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 12:38 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:43, 26 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 19:39 तक
विशाखा 20:36, 26 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 07:32 तक
हर्षण 06:21, 26 मार्च तक
वज्रअशुभ 05:45, 27 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:38 तक
बव 00:35, 26 मार्च तक
बालव 12:43, 26 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
21:39
चंद्रास्त
07:58
दिनमान
12h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
14:04 – 15:36
यमगंड
06:26 – 07:58
गुलिक काल
09:29 – 11:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2607:27दिन
मंगल07:2708:28दिन
सूर्य08:2809:29दिन
शुक्र09:2910:30दिन
बुध10:3011:32दिन
चंद्र11:3212:33दिन
शनि12:3313:34दिन
गुरु13:3414:35दिन
मंगल14:3515:36दिन
सूर्य15:3616:37दिन
शुक्र16:3717:38दिन
बुध17:3818:39दिन
चंद्र18:3919:38रात
शनि19:3820:37रात
गुरु20:3721:36रात
मंगल21:3622:34रात
सूर्य22:3423:33रात
शुक्र23:3300:32रात
बुध00:3201:31रात
चंद्र01:3102:30रात
शनि02:3003:29रात
गुरु03:2904:27रात
मंगल04:2705:26रात
सूर्य05:2606:25रात

अयनांश 24.2374° (लाहिड़ी)। समय उज्जैन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।