1 अक्टूबर 2026 को वडोदरा का चौघड़िया

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026, वडोदरा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को वडोदरा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:35 तक), नक्षत्र रोहिणी (04:27, 2 अक्टू॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 13:56 से 15:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 18:24
रात 06:28 तक
तिथि
पंचमी, 12:35 तक
षष्ठी
नक्षत्र
रोहिणी, 04:27 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:28 – 07:58शुभ
रोग07:58 – 09:27टालें
उद्वेग09:27 – 10:57टालें
चर10:57 – 12:26सामान्य
लाभ12:26 – 13:56शुभ
अमृत13:56 – 15:25शुभ
काल15:25 – 16:55टालें
शुभ16:55 – 18:24शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:24 – 19:55शुभ
चर19:55 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:56टालें
काल22:56 – 00:26टालें
लाभ00:26 – 01:57शुभ
उद्वेग01:57 – 03:27टालें
शुभ03:27 – 04:58शुभ
अमृत04:58 – 06:28शुभ

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:35 तक
कृष्ण षष्ठी 10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 04:27, 2 अक्टू॰ तक
मृगशिरा 02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
सिद्धि 21:18 तक
व्यतीपातअशुभ 18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:35 तक
गर 23:25 तक
वणिज 10:15, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
21:53
चंद्रास्त
11:01
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
13:56 – 15:25
यमगंड
06:28 – 07:58
गुलिक काल
09:27 – 10:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2807:28दिन
मंगल07:2808:27दिन
सूर्य08:2709:27दिन
शुक्र09:2710:27दिन
बुध10:2711:27दिन
चंद्र11:2712:26दिन
शनि12:2613:26दिन
गुरु13:2614:26दिन
मंगल14:2615:25दिन
सूर्य15:2516:25दिन
शुक्र16:2517:25दिन
बुध17:2518:24दिन
चंद्र18:2419:25रात
शनि19:2520:25रात
गुरु20:2521:25रात
मंगल21:2522:26रात
सूर्य22:2623:26रात
शुक्र23:2600:26रात
बुध00:2601:27रात
चंद्र01:2702:27रात
शनि02:2703:27रात
गुरु03:2704:28रात
मंगल04:2805:28रात
सूर्य05:2806:28रात

अयनांश 24.2307° (लाहिड़ी)। समय वडोदरा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।