3 मार्च 2029 को वडोदरा का चौघड़िया

शनिवार, 3 मार्च 2029, वडोदरा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 3 मार्च 2029 को वडोदरा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (11:44 तक), नक्षत्र हस्त (09:35 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 09:52 से 11:21 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 18:41
रात 06:55 तक
तिथि
तृतीया, 11:44 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
हस्त, 09:35 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:56 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:21टालें
उद्वेग11:21 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:13शुभ
काल17:13 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:41 – 20:13शुभ
उद्वेग20:13 – 21:45टालें
शुभ21:45 – 23:17शुभ
अमृत23:17 – 00:48शुभ
चर00:48 – 02:20सामान्य
रोग02:20 – 03:52टालें
काल03:52 – 05:24टालें
लाभ05:24 – 06:55शुभ

3 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 11:44 तक
कृष्ण चतुर्थी 08:28, 4 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 09:35 तक
चित्रा 07:02, 4 मार्च तक
योग
गंडअशुभ 11:41 तक
वृद्धि 07:49, 4 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:44 तक
बव 22:03 तक
बालव 08:28, 4 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 20:16 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
21:40
चंद्रास्त
08:27
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:12

अशुभ समय

राहुकाल
09:52 – 11:21
यमगंड
14:17 – 15:45
गुलिक काल
06:56 – 08:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5607:55दिन
गुरु07:5508:54दिन
मंगल08:5409:52दिन
सूर्य09:5210:51दिन
शुक्र10:5111:50दिन
बुध11:5012:49दिन
चंद्र12:4913:47दिन
शनि13:4714:46दिन
गुरु14:4615:45दिन
मंगल15:4516:44दिन
सूर्य16:4417:43दिन
शुक्र17:4318:41दिन
बुध18:4119:42रात
चंद्र19:4220:44रात
शनि20:4421:45रात
गुरु21:4522:46रात
मंगल22:4623:47रात
सूर्य23:4700:48रात
शुक्र00:4801:49रात
बुध01:4902:51रात
चंद्र02:5103:52रात
शनि03:5204:53रात
गुरु04:5305:54रात
मंगल05:5406:55रात

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय वडोदरा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।