12 फ़रवरी 2025 को वाराणसी का चौघड़िया

बुधवार, 12 फ़रवरी 2025, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 12 फ़रवरी 2025 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (19:23 तक), नक्षत्र आश्लेषा (19:35 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 12:12 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 17:49
रात 06:34 तक
तिथि
पूर्णिमा, 19:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 19:35 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:34 – 07:59शुभ
अमृत07:59 – 09:23शुभ
काल09:23 – 10:48टालें
शुभ10:48 – 12:12शुभ
रोग12:12 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 15:01टालें
चर15:01 – 16:25सामान्य
लाभ16:25 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:49 – 19:25टालें
शुभ19:25 – 21:01शुभ
अमृत21:01 – 22:36शुभ
चर22:36 – 00:12सामान्य
रोग00:12 – 01:47टालें
काल01:47 – 03:23टालें
लाभ03:23 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:34टालें

12 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 19:23 तक
कृष्ण प्रतिपदा 20:22, 13 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:07, 13 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 08:06 तक
शोभन 07:31, 13 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:05 तक
बव 19:23 तक
बालव 07:48, 13 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 19:35 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
17:41
चंद्रास्त
06:28
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:12 – 13:36
यमगंड
07:59 – 09:23
गुलिक काल
10:48 – 12:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3407:31दिन
चंद्र07:3108:27दिन
शनि08:2709:23दिन
गुरु09:2310:19दिन
मंगल10:1911:16दिन
सूर्य11:1612:12दिन
शुक्र12:1213:08दिन
बुध13:0814:04दिन
चंद्र14:0415:01दिन
शनि15:0115:57दिन
गुरु15:5716:53दिन
मंगल16:5317:49दिन
सूर्य17:4918:53रात
शुक्र18:5319:57रात
बुध19:5721:01रात
चंद्र21:0122:04रात
शनि22:0423:08रात
गुरु23:0800:12रात
मंगल00:1201:15रात
सूर्य01:1502:19रात
शुक्र02:1903:23रात
बुध03:2304:26रात
चंद्र04:2605:30रात
शनि05:3006:34रात

अयनांश 24.2079° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।