9 मई 2025 को वाराणसी का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 मई 2025, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 मई 2025 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:56 तक), नक्षत्र हस्त (00:09, 10 मई तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 10:15 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:32
रात 05:16 तक
तिथि
द्वादशी, 14:56 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
हस्त, 00:09 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मई 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:16 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:35शुभ
अमृत08:35 – 10:15शुभ
काल10:15 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:34शुभ
रोग13:34 – 15:13टालें
उद्वेग15:13 – 16:53टालें
चर16:53 – 18:32सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:32 – 19:53टालें
काल19:53 – 21:13टालें
लाभ21:13 – 22:33शुभ
उद्वेग22:33 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:14शुभ
अमृत01:14 – 02:35शुभ
चर02:35 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:16टालें

9 मई 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:56 तक
शुक्ल त्रयोदशी 17:30, 10 मई तक
नक्षत्र
हस्त 00:09, 10 मई तक
चित्रा 03:15, 11 मई तक
योग
वज्रअशुभ 02:57, 10 मई तक
सिद्धि 04:00, 11 मई तक
करण
बालव 14:56 तक
कौलव 04:13, 10 मई तक
तैतिल 17:30, 10 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
15:48
चंद्रास्त
03:07
दिनमान
13h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:15 – 11:54
यमगंड
15:13 – 16:53
गुलिक काल
06:56 – 08:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1606:22दिन
बुध06:2207:29दिन
चंद्र07:2908:35दिन
शनि08:3509:42दिन
गुरु09:4210:48दिन
मंगल10:4811:54दिन
सूर्य11:5413:01दिन
शुक्र13:0114:07दिन
बुध14:0715:13दिन
चंद्र15:1316:20दिन
शनि16:2017:26दिन
गुरु17:2618:32दिन
मंगल18:3219:26रात
सूर्य19:2620:19रात
शुक्र20:1921:13रात
बुध21:1322:07रात
चंद्र22:0723:00रात
शनि23:0023:54रात
गुरु23:5400:47रात
मंगल00:4701:41रात
सूर्य01:4102:35रात
शुक्र02:3503:28रात
बुध03:2804:22रात
चंद्र04:2205:16रात

अयनांश 24.2112° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।