24 फ़रवरी 2027 को वाराणसी का चौघड़िया

बुधवार, 24 फ़रवरी 2027, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 24 फ़रवरी 2027 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (20:40 तक), नक्षत्र हस्त (09:39 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 12:11 से 13:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 17:57
रात 06:25 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
हस्त, 09:39 तक
चित्रा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:26 – 07:52शुभ
अमृत07:52 – 09:18शुभ
काल09:18 – 10:45टालें
शुभ10:45 – 12:11शुभ
रोग12:11 – 13:37टालें
उद्वेग13:37 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:30सामान्य
लाभ16:30 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:57 – 19:30टालें
शुभ19:30 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:37शुभ
चर22:37 – 00:11सामान्य
रोग00:11 – 01:44टालें
काल01:44 – 03:18टालें
लाभ03:18 – 04:51शुभ
उद्वेग04:51 – 06:25टालें

24 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 20:40 तक
कृष्ण पंचमी 20:17, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
हस्त 09:39 तक
चित्रा 09:33, 25 फ़र॰ तक
योग
गंडअशुभ 00:27, 25 फ़र॰ तक
वृद्धि 23:04, 25 फ़र॰ तक
करण
बव 09:09 तक
बालव 20:40 तक
कौलव 08:23, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 21:30 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
21:30
चंद्रास्त
08:17
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:34 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:11 – 13:37
यमगंड
07:52 – 09:18
गुलिक काल
10:45 – 12:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2607:23दिन
चंद्र07:2308:21दिन
शनि08:2109:18दिन
गुरु09:1810:16दिन
मंगल10:1611:13दिन
सूर्य11:1312:11दिन
शुक्र12:1113:09दिन
बुध13:0914:06दिन
चंद्र14:0615:04दिन
शनि15:0416:01दिन
गुरु16:0116:59दिन
मंगल16:5917:57दिन
सूर्य17:5718:59रात
शुक्र18:5920:01रात
बुध20:0121:04रात
चंद्र21:0422:06रात
शनि22:0623:08रात
गुरु23:0800:11रात
मंगल00:1101:13रात
सूर्य01:1302:15रात
शुक्र02:1503:18रात
बुध03:1804:20रात
चंद्र04:2005:22रात
शनि05:2206:25रात

अयनांश 24.2363° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।