21 मई 2027 को वाराणसी का चौघड़िया

शुक्रवार, 21 मई 2027, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 21 मई 2027 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (17:23 तक), नक्षत्र अनुराधा (14:51 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 18:38
रात 05:10 तक
तिथि
प्रतिपदा, 17:23 तक
द्वितीया
नक्षत्र
अनुराधा, 14:51 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 मई 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:10 – 06:51सामान्य
लाभ06:51 – 08:32शुभ
अमृत08:32 – 10:13शुभ
काल10:13 – 11:54टालें
शुभ11:54 – 13:35शुभ
रोग13:35 – 15:16टालें
उद्वेग15:16 – 16:57टालें
चर16:57 – 18:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:38 – 19:57टालें
काल19:57 – 21:16टालें
लाभ21:16 – 22:35शुभ
उद्वेग22:35 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:13शुभ
अमृत01:13 – 02:32शुभ
चर02:32 – 03:51सामान्य
रोग03:51 – 05:10टालें

21 मई 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 17:23 तक
कृष्ण द्वितीया 18:48, 22 मई तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 16:50, 22 मई तक
योग
शिव 22:15 तक
सिद्ध 22:28, 22 मई तक
करण
कौलव 17:23 तक
तैतिल 06:02, 22 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
19:43
चंद्रास्त
05:23
दिनमान
13h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:54
यमगंड
15:16 – 16:57
गुलिक काल
06:51 – 08:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1006:18दिन
बुध06:1807:25दिन
चंद्र07:2508:32दिन
शनि08:3209:40दिन
गुरु09:4010:47दिन
मंगल10:4711:54दिन
सूर्य11:5413:02दिन
शुक्र13:0214:09दिन
बुध14:0915:16दिन
चंद्र15:1616:24दिन
शनि16:2417:31दिन
गुरु17:3118:38दिन
मंगल18:3819:31रात
सूर्य19:3120:24रात
शुक्र20:2421:16रात
बुध21:1622:09रात
चंद्र22:0923:01रात
शनि23:0123:54रात
गुरु23:5400:47रात
मंगल00:4701:39रात
सूर्य01:3902:32रात
शुक्र02:3203:25रात
बुध03:2504:17रात
चंद्र04:1705:10रात

अयनांश 24.2396° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।