10 फ़रवरी 2028 को वाराणसी का चौघड़िया

गुरुवार, 10 फ़रवरी 2028, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 फ़रवरी 2028 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:33 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:03, 11 फ़र॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:48
रात 06:36 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:33 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:03 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:36 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:24टालें
उद्वेग09:24 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:12सामान्य
लाभ12:12 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:00शुभ
काल15:00 – 16:24टालें
शुभ16:24 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:48 – 19:24शुभ
चर19:24 – 21:00सामान्य
रोग21:00 – 22:36टालें
काल22:36 – 00:12टालें
लाभ00:12 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:24टालें
शुभ03:24 – 05:00शुभ
अमृत05:00 – 06:36शुभ

10 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 20:33 तक
कृष्ण प्रतिपदा 16:46, 11 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:03, 11 फ़र॰ तक
मघा 22:01, 11 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 19:09 तक
शोभन 14:49, 11 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:26 तक
बव 20:33 तक
बालव 06:39, 11 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:03, 11 फ़र॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
17:38
चंद्रास्त
06:08
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:45
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:00
यमगंड
06:36 – 08:00
गुलिक काल
09:24 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3607:32दिन
मंगल07:3208:28दिन
सूर्य08:2809:24दिन
शुक्र09:2410:20दिन
बुध10:2011:16दिन
चंद्र11:1612:12दिन
शनि12:1213:08दिन
गुरु13:0814:04दिन
मंगल14:0415:00दिन
सूर्य15:0015:56दिन
शुक्र15:5616:52दिन
बुध16:5217:48दिन
चंद्र17:4818:52रात
शनि18:5219:56रात
गुरु19:5621:00रात
मंगल21:0022:04रात
सूर्य22:0423:08रात
शुक्र23:0800:12रात
बुध00:1201:16रात
चंद्र01:1602:20रात
शनि02:2003:24रात
गुरु03:2404:28रात
मंगल04:2805:32रात
सूर्य05:3206:36रात

अयनांश 24.2497° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।