14 अगस्त 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

मंगलवार, 14 अगस्त 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 अगस्त 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (18:21 तक), नक्षत्र हस्त (11:02 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 15:18 से 16:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 18:33
रात 05:31 तक
तिथि
पंचमी, 18:21 तक
षष्ठी
नक्षत्र
हस्त, 11:02 तक
चित्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अगस्त 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:31 – 07:09टालें
उद्वेग07:09 – 08:46टालें
चर08:46 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 16:56शुभ
रोग16:56 – 18:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:33 – 19:56टालें
लाभ19:56 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:25शुभ
चर01:25 – 02:47सामान्य
रोग02:47 – 04:09टालें
काल04:09 – 05:31टालें

14 अगस्त 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 18:21 तक
शुक्ल षष्ठी 15:47, 15 अग॰ तक
नक्षत्र
हस्त 11:02 तक
चित्रा 09:12, 15 अग॰ तक
योग
साध्य 14:59 तक
शुभ 11:47, 15 अग॰ तक
करण
बव 07:42 तक
बालव 18:21 तक
कौलव 05:02, 15 अग॰ तक
तैतिल 15:47, 15 अग॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 22:05 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
09:42
चंद्रास्त
21:18
दिनमान
13h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 16:56
यमगंड
08:46 – 10:24
गुलिक काल
12:02 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3106:36दिन
सूर्य06:3607:41दिन
शुक्र07:4108:46दिन
बुध08:4609:52दिन
चंद्र09:5210:57दिन
शनि10:5712:02दिन
गुरु12:0213:07दिन
मंगल13:0714:13दिन
सूर्य14:1315:18दिन
शुक्र15:1816:23दिन
बुध16:2317:28दिन
चंद्र17:2818:33दिन
शनि18:3319:28रात
गुरु19:2820:23रात
मंगल20:2321:18रात
सूर्य21:1822:13रात
शुक्र22:1323:08रात
बुध23:0800:02रात
चंद्र00:0200:57रात
शनि00:5701:52रात
गुरु01:5202:47रात
मंगल02:4703:42रात
सूर्य03:4204:36रात
शुक्र04:3605:31रात

अयनांश 24.2708° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।