6 सितंबर 2029 को वाराणसी का चौघड़िया

गुरुवार, 6 सितंबर 2029, वाराणसी, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 सितंबर 2029 को वाराणसी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (21:41 तक), नक्षत्र आश्लेषा (04:18, 7 सित॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 13:30 से 15:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:11
रात 05:41 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:41 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 04:18 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:40 – 07:14शुभ
रोग07:14 – 08:48टालें
उद्वेग08:48 – 10:22टालें
चर10:22 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:30शुभ
अमृत13:30 – 15:04शुभ
काल15:04 – 16:37टालें
शुभ16:37 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:11 – 19:37शुभ
चर19:37 – 21:04सामान्य
रोग21:04 – 22:30टालें
काल22:30 – 23:56टालें
लाभ23:56 – 01:22शुभ
उद्वेग01:22 – 02:48टालें
शुभ02:48 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:41शुभ

6 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 21:41 तक
कृष्ण चतुर्दशी 19:12, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 04:18, 7 सित॰ तक
मघा 02:25, 8 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:12 तक
शिव 14:11, 7 सित॰ तक
करण
गर 10:41 तक
वणिज 21:41 तक
विष्टि (भद्रा) 08:31, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 04:18, 7 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
03:13
चंद्रास्त
16:32
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
13:30 – 15:04
यमगंड
05:40 – 07:14
गुलिक काल
08:48 – 10:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4006:43दिन
मंगल06:4307:45दिन
सूर्य07:4508:48दिन
शुक्र08:4809:51दिन
बुध09:5110:53दिन
चंद्र10:5311:56दिन
शनि11:5612:58दिन
गुरु12:5814:01दिन
मंगल14:0115:04दिन
सूर्य15:0416:06दिन
शुक्र16:0617:09दिन
बुध17:0918:11दिन
चंद्र18:1119:09रात
शनि19:0920:06रात
गुरु20:0621:04रात
मंगल21:0422:01रात
सूर्य22:0122:59रात
शुक्र22:5923:56रात
बुध23:5600:53रात
चंद्र00:5301:51रात
शनि01:5102:48रात
गुरु02:4803:46रात
मंगल03:4604:43रात
सूर्य04:4305:41रात

अयनांश 24.2717° (लाहिड़ी)। समय वाराणसी (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।