20 जनवरी 2025 को वेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 20 जनवरी 2025, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 20 जनवरी 2025 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:59 तक), नक्षत्र हस्त (20:30 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 08:06 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:09
रात 06:40 तक
तिथि
षष्ठी, 09:59 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 20:30 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:40 – 08:06शुभ
काल08:06 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 10:58शुभ
रोग10:58 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 13:50टालें
चर13:50 – 15:16सामान्य
लाभ15:16 – 16:42शुभ
अमृत16:42 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:09 – 19:42सामान्य
रोग19:42 – 21:16टालें
काल21:16 – 22:50टालें
लाभ22:50 – 00:24शुभ
उद्वेग00:24 – 01:58टालें
शुभ01:58 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:06शुभ
चर05:06 – 06:40सामान्य

20 जनवरी 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:59 तक
कृष्ण सप्तमी 12:40, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:30 तक
चित्रा 23:36, 21 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 02:52, 21 जन॰ तक
धृति 03:49, 22 जन॰ तक
करण
वणिज 09:59 तक
विष्टि (भद्रा) 23:18 तक
बव 12:40, 21 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
23:28
चंद्रास्त
10:53
दिनमान
11h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:59 – 05:49
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:06 – 09:32
यमगंड
10:58 – 12:24
गुलिक काल
13:50 – 15:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4007:37दिन
शनि07:3708:34दिन
गुरु08:3409:32दिन
मंगल09:3210:29दिन
सूर्य10:2911:27दिन
शुक्र11:2712:24दिन
बुध12:2413:21दिन
चंद्र13:2114:19दिन
शनि14:1915:16दिन
गुरु15:1616:14दिन
मंगल16:1417:11दिन
सूर्य17:1118:09दिन
शुक्र18:0919:11रात
बुध19:1120:14रात
चंद्र20:1421:16रात
शनि21:1622:19रात
गुरु22:1923:21रात
मंगल23:2100:24रात
सूर्य00:2401:27रात
शुक्र01:2702:29रात
बुध02:2903:32रात
चंद्र03:3204:34रात
शनि04:3405:37रात
गुरु05:3706:40रात

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।