25 जनवरी 2025 को वेल्लोर का चौघड़िया

शनिवार, 25 जनवरी 2025, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 25 जनवरी 2025 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (20:32 तक), नक्षत्र अनुराधा (07:07 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 09:32 से 10:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:11
रात 06:40 तक
तिथि
एकादशी, 20:32 तक
द्वादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:40 – 08:06टालें
शुभ08:06 – 09:32शुभ
रोग09:32 – 10:59टालें
उद्वेग10:59 – 12:25टालें
चर12:25 – 13:52सामान्य
लाभ13:52 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 16:45शुभ
काल16:45 – 18:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:11 – 19:45शुभ
उद्वेग19:45 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:52शुभ
अमृत22:52 – 00:25शुभ
चर00:25 – 01:59सामान्य
रोग01:59 – 03:32टालें
काल03:32 – 05:06टालें
लाभ05:06 – 06:40शुभ

25 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 20:32 तक
कृष्ण द्वादशी 20:55, 26 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 08:26, 26 जन॰ तक
योग
ध्रुव 04:37, 26 जन॰ तक
व्याघातअशुभ 03:33, 27 जन॰ तक
करण
बव 08:04 तक
बालव 20:32 तक
कौलव 08:49, 26 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
02:46
चंद्रास्त
14:16
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:00 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
09:32 – 10:59
यमगंड
13:52 – 15:18
गुलिक काल
06:40 – 08:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4007:37दिन
गुरु07:3708:35दिन
मंगल08:3509:32दिन
सूर्य09:3210:30दिन
शुक्र10:3011:28दिन
बुध11:2812:25दिन
चंद्र12:2513:23दिन
शनि13:2314:21दिन
गुरु14:2115:18दिन
मंगल15:1816:16दिन
सूर्य16:1617:13दिन
शुक्र17:1318:11दिन
बुध18:1119:13रात
चंद्र19:1320:16रात
शनि20:1621:18रात
गुरु21:1822:21रात
मंगल22:2123:23रात
सूर्य23:2300:25रात
शुक्र00:2501:28रात
बुध01:2802:30रात
चंद्र02:3003:32रात
शनि03:3204:35रात
गुरु04:3505:37रात
मंगल05:3706:40रात

अयनांश 24.2072° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।