17 मार्च 2026 को वेल्लोर का चौघड़िया

मंगलवार, 17 मार्च 2026, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 17 मार्च 2026 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (09:23 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (06:22 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:24 पर है। राहुकाल 15:22 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:24
रात 06:19 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 06:09 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:19 – 07:50टालें
उद्वेग07:50 – 09:20टालें
चर09:20 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:21शुभ
अमृत12:21 – 13:52शुभ
काल13:52 – 15:22टालें
शुभ15:22 – 16:53शुभ
रोग16:53 – 18:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:24 – 19:53टालें
लाभ19:53 – 21:22शुभ
उद्वेग21:22 – 22:52टालें
शुभ22:52 – 00:21शुभ
अमृत00:21 – 01:50शुभ
चर01:50 – 03:20सामान्य
रोग03:20 – 04:49टालें
काल04:49 – 06:19टालें

17 मार्च 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 09:23 तक
कृष्ण चतुर्दशी 08:25, 18 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 06:09, 18 मार्च तक
पूर्वा भाद्रपद 05:21, 19 मार्च तक
योग
सिद्ध 08:15 तक
साध्य 06:22, 18 मार्च तक
करण
वणिज 09:23 तक
विष्टि (भद्रा) 20:59 तक
शकुनि 08:25, 18 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:24
चंद्रोदय
04:57
चंद्रास्त
16:58
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:22 – 16:53
यमगंड
09:20 – 10:51
गुलिक काल
12:21 – 13:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1907:20दिन
सूर्य07:2008:20दिन
शुक्र08:2009:20दिन
बुध09:2010:21दिन
चंद्र10:2111:21दिन
शनि11:2112:21दिन
गुरु12:2113:22दिन
मंगल13:2214:22दिन
सूर्य14:2215:22दिन
शुक्र15:2216:23दिन
बुध16:2317:23दिन
चंद्र17:2318:24दिन
शनि18:2419:23रात
गुरु19:2320:23रात
मंगल20:2321:22रात
सूर्य21:2222:22रात
शुक्र22:2223:22रात
बुध23:2200:21रात
चंद्र00:2101:21रात
शनि01:2102:20रात
गुरु02:2003:20रात
मंगल03:2004:19रात
सूर्य04:1905:19रात
शुक्र05:1906:19रात

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।