27 सितंबर 2027 को वेल्लोर का चौघड़िया

सोमवार, 27 सितंबर 2027, वेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 सितंबर 2027 को वेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (16:55 तक), नक्षत्र आश्लेषा (10:33 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:03 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:06
रात 06:02 तक
तिथि
द्वादशी, 16:55 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 10:33 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:02 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:03टालें
शुभ09:03 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:04टालें
उद्वेग12:04 – 13:34टालें
चर13:34 – 15:05सामान्य
लाभ15:05 – 16:35शुभ
अमृत16:35 – 18:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:06 – 19:35सामान्य
रोग19:35 – 21:05टालें
काल21:05 – 22:34टालें
लाभ22:34 – 00:04शुभ
उद्वेग00:04 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 03:03शुभ
अमृत03:03 – 04:33शुभ
चर04:33 – 06:02सामान्य

27 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 16:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी 13:55, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 08:20, 28 सित॰ तक
योग
सिद्ध 11:07 तक
साध्य 07:32, 28 सित॰ तक
करण
कौलव 06:24 तक
तैतिल 16:55 तक
गर 03:25, 28 सित॰ तक
वणिज 13:55, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 10:33 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
03:06
चंद्रास्त
15:55
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:03
यमगंड
10:34 – 12:04
गुलिक काल
13:34 – 15:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0207:02दिन
शनि07:0208:03दिन
गुरु08:0309:03दिन
मंगल09:0310:03दिन
सूर्य10:0311:04दिन
शुक्र11:0412:04दिन
बुध12:0413:04दिन
चंद्र13:0414:05दिन
शनि14:0515:05दिन
गुरु15:0516:05दिन
मंगल16:0517:06दिन
सूर्य17:0618:06दिन
शुक्र18:0619:06रात
बुध19:0620:05रात
चंद्र20:0521:05रात
शनि21:0522:05रात
गुरु22:0523:04रात
मंगल23:0400:04रात
सूर्य00:0401:04रात
शुक्र01:0402:03रात
बुध02:0303:03रात
चंद्र03:0304:03रात
शनि04:0305:02रात
गुरु05:0206:02रात

अयनांश 24.2445° (लाहिड़ी)। समय वेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।