26 दिसंबर 2024 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 26 दिसंबर 2024, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 26 दिसंबर 2024 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (00:44, 27 दिस॰ तक), नक्षत्र स्वाति (18:09 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 13:37 से 14:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 17:32
रात 07:08 तक
तिथि
एकादशी, 00:44 तक
द्वादशी
नक्षत्र
स्वाति, 18:09 तक
विशाखा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:07 – 08:25शुभ
रोग08:25 – 09:43टालें
उद्वेग09:43 – 11:01टालें
चर11:01 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 13:37शुभ
अमृत13:37 – 14:56शुभ
काल14:56 – 16:14टालें
शुभ16:14 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:32 – 19:14शुभ
चर19:14 – 20:56सामान्य
रोग20:56 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:26शुभ
अमृत05:26 – 07:08शुभ

26 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 00:44, 27 दिस॰ तक
कृष्ण द्वादशी 02:27, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 18:09 तक
विशाखा 20:28, 27 दिस॰ तक
योग
सुकर्मा 22:23 तक
धृति 22:37, 27 दिस॰ तक
करण
बव 11:40 तक
बालव 00:44, 27 दिस॰ तक
कौलव 13:40, 27 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
02:48
चंद्रास्त
13:51
दिनमान
10h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
13:37 – 14:56
यमगंड
07:07 – 08:25
गुलिक काल
09:43 – 11:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0707:59दिन
मंगल07:5908:51दिन
सूर्य08:5109:43दिन
शुक्र09:4310:35दिन
बुध10:3511:27दिन
चंद्र11:2712:19दिन
शनि12:1913:11दिन
गुरु13:1114:03दिन
मंगल14:0314:56दिन
सूर्य14:5615:48दिन
शुक्र15:4816:40दिन
बुध16:4017:32दिन
चंद्र17:3218:40रात
शनि18:4019:48रात
गुरु19:4820:56रात
मंगल20:5622:04रात
सूर्य22:0423:12रात
शुक्र23:1200:20रात
बुध00:2001:28रात
चंद्र01:2802:36रात
शनि02:3603:44रात
गुरु03:4404:52रात
मंगल04:5206:00रात
सूर्य06:0007:08रात

अयनांश 24.2061° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।