16 जनवरी 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 16 जनवरी 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 जनवरी 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (04:06, 17 जन॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (11:16 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 13:48 से 15:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:47
रात 07:10 तक
तिथि
तृतीया, 04:06 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 11:16 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:10 – 08:30शुभ
रोग08:30 – 09:49टालें
उद्वेग09:49 – 11:09टालें
चर11:09 – 12:29सामान्य
लाभ12:29 – 13:48शुभ
अमृत13:48 – 15:08शुभ
काल15:08 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:47 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:08सामान्य
रोग21:08 – 22:48टालें
काल22:48 – 00:29टालें
लाभ00:29 – 02:09शुभ
उद्वेग02:09 – 03:49टालें
शुभ03:49 – 05:30शुभ
अमृत05:30 – 07:10शुभ

16 जनवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 04:06, 17 जन॰ तक
कृष्ण चतुर्थी 05:30, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 12:45, 17 जन॰ तक
योग
आयुष्मान 01:05, 17 जन॰ तक
सौभाग्य 00:56, 18 जन॰ तक
करण
वणिज 15:39 तक
विष्टि (भद्रा) 04:06, 17 जन॰ तक
बव 16:43, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 11:16 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
20:11
चंद्रास्त
08:56
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
13:48 – 15:08
यमगंड
07:10 – 08:30
गुलिक काल
09:49 – 11:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1008:03दिन
मंगल08:0308:56दिन
सूर्य08:5609:49दिन
शुक्र09:4910:42दिन
बुध10:4211:36दिन
चंद्र11:3612:29दिन
शनि12:2913:22दिन
गुरु13:2214:15दिन
मंगल14:1515:08दिन
सूर्य15:0816:01दिन
शुक्र16:0116:54दिन
बुध16:5417:47दिन
चंद्र17:4718:54रात
शनि18:5420:01रात
गुरु20:0121:08रात
मंगल21:0822:15रात
सूर्य22:1523:22रात
शुक्र23:2200:29रात
बुध00:2901:35रात
चंद्र01:3502:42रात
शनि02:4203:49रात
गुरु03:4904:56रात
मंगल04:5606:03रात
सूर्य06:0307:10रात

अयनांश 24.2069° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।