20 फ़रवरी 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 20 फ़रवरी 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (09:58 तक), नक्षत्र विशाखा (13:30 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 18:14 पर है। राहुकाल 13:58 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 18:14
रात 06:51 तक
तिथि
सप्तमी, 09:58 तक
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा, 13:30 तक
अनुराधा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 फ़रवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:52 – 08:17शुभ
रोग08:17 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:07टालें
चर11:07 – 12:33सामान्य
लाभ12:33 – 13:58शुभ
अमृत13:58 – 15:23शुभ
काल15:23 – 16:48टालें
शुभ16:48 – 18:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:14 – 19:48शुभ
चर19:48 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:07शुभ
उद्वेग02:07 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:16शुभ
अमृत05:16 – 06:51शुभ

20 फ़रवरी 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 09:58 तक
कृष्ण अष्टमी 11:58, 21 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 13:30 तक
अनुराधा 15:54, 21 फ़र॰ तक
योग
ध्रुव 11:33 तक
व्याघातअशुभ 11:59, 21 फ़र॰ तक
करण
बव 09:58 तक
बालव 23:02 तक
कौलव 11:58, 21 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
18:14
चंद्रोदय
00:18
चंद्रास्त
10:55
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
13:58 – 15:23
यमगंड
06:52 – 08:17
गुलिक काल
09:42 – 11:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5207:48दिन
मंगल07:4808:45दिन
सूर्य08:4509:42दिन
शुक्र09:4210:39दिन
बुध10:3911:36दिन
चंद्र11:3612:33दिन
शनि12:3313:29दिन
गुरु13:2914:26दिन
मंगल14:2615:23दिन
सूर्य15:2316:20दिन
शुक्र16:2017:17दिन
बुध17:1718:14दिन
चंद्र18:1419:17रात
शनि19:1720:20रात
गुरु20:2021:23रात
मंगल21:2322:26रात
सूर्य22:2623:29रात
शुक्र23:2900:32रात
बुध00:3201:35रात
चंद्र01:3502:38रात
शनि02:3803:41रात
गुरु03:4104:45रात
मंगल04:4505:48रात
सूर्य05:4806:51रात

अयनांश 24.2082° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।