30 अगस्त 2025 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 30 अगस्त 2025, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 अगस्त 2025 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (22:47 तक), नक्षत्र विशाखा (14:37 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:57 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 09:08 से 10:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:57 – 18:42
रात 05:57 तक
तिथि
सप्तमी, 22:47 तक
अष्टमी
नक्षत्र
विशाखा, 14:37 तक
अनुराधा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:57 – 07:32टालें
शुभ07:32 – 09:08शुभ
रोग09:08 – 10:44टालें
उद्वेग10:44 – 12:19टालें
चर12:19 – 13:55सामान्य
लाभ13:55 – 15:30शुभ
अमृत15:30 – 17:06शुभ
काल17:06 – 18:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:42 – 20:06शुभ
उद्वेग20:06 – 21:30टालें
शुभ21:30 – 22:55शुभ
अमृत22:55 – 00:19शुभ
चर00:19 – 01:44सामान्य
रोग01:44 – 03:08टालें
काल03:08 – 04:33टालें
लाभ04:33 – 05:57शुभ

30 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 22:47 तक
शुक्ल अष्टमी 00:58, 1 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 14:37 तक
अनुराधा 17:27, 31 अग॰ तक
योग
इंद्र 15:09 तक
वैधृतिअशुभ 15:58, 31 अग॰ तक
करण
गर 09:35 तक
वणिज 22:47 तक
विष्टि (भद्रा) 11:55, 31 अग॰ तक
चंद्र राशि
तुला 07:53 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:57
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
12:09
चंद्रास्त
22:37
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
09:08 – 10:44
यमगंड
13:55 – 15:30
गुलिक काल
05:57 – 07:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5707:00दिन
गुरु07:0008:04दिन
मंगल08:0409:08दिन
सूर्य09:0810:12दिन
शुक्र10:1211:15दिन
बुध11:1512:19दिन
चंद्र12:1913:23दिन
शनि13:2314:27दिन
गुरु14:2715:30दिन
मंगल15:3016:34दिन
सूर्य16:3417:38दिन
शुक्र17:3818:42दिन
बुध18:4219:38रात
चंद्र19:3820:34रात
शनि20:3421:30रात
गुरु21:3022:27रात
मंगल22:2723:23रात
सूर्य23:2300:19रात
शुक्र00:1901:16रात
बुध01:1602:12रात
चंद्र02:1203:08रात
शनि03:0804:05रात
गुरु04:0505:01रात
मंगल05:0105:57रात

अयनांश 24.2155° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।