10 जनवरी 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 10 जनवरी 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (08:24 तक), नक्षत्र हस्त (15:39 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 09:48 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 17:42
रात 07:11 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
हस्त, 15:39 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:11 – 08:29टालें
शुभ08:29 – 09:48शुभ
रोग09:48 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:26टालें
चर12:26 – 13:45सामान्य
लाभ13:45 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:23शुभ
काल16:23 – 17:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:42 – 19:23शुभ
उद्वेग19:23 – 21:04टालें
शुभ21:04 – 22:45शुभ
अमृत22:45 – 00:26शुभ
चर00:26 – 02:07सामान्य
रोग02:07 – 03:48टालें
काल03:48 – 05:30टालें
लाभ05:30 – 07:11शुभ

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 08:24 तक
कृष्ण अष्टमी 10:20, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:39 तक
चित्रा 18:12, 11 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 16:58 तक
सुकर्मा 17:27, 11 जन॰ तक
करण
बव 08:24 तक
बालव 21:18 तक
कौलव 10:20, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 04:52, 11 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
11:33
दिनमान
10h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:05 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
09:48 – 11:07
यमगंड
13:45 – 15:04
गुलिक काल
07:11 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1108:03दिन
गुरु08:0308:56दिन
मंगल08:5609:48दिन
सूर्य09:4810:41दिन
शुक्र10:4111:34दिन
बुध11:3412:26दिन
चंद्र12:2613:19दिन
शनि13:1914:11दिन
गुरु14:1115:04दिन
मंगल15:0415:57दिन
सूर्य15:5716:49दिन
शुक्र16:4917:42दिन
बुध17:4218:49रात
चंद्र18:4919:57रात
शनि19:5721:04रात
गुरु21:0422:11रात
मंगल22:1123:19रात
सूर्य23:1900:26रात
शुक्र00:2601:34रात
बुध01:3402:41रात
चंद्र02:4103:48रात
शनि03:4804:56रात
गुरु04:5606:03रात
मंगल06:0307:11रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।