5 अक्टूबर 2026 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (02:07, 6 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुष्य (23:09 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:13 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 07:42 से 09:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:13 – 18:01
रात 06:14 तक
तिथि
दशमी, 02:07 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 23:09 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:13 – 07:42शुभ
काल07:42 – 09:10टालें
शुभ09:10 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:07टालें
उद्वेग12:07 – 13:35टालें
चर13:35 – 15:04सामान्य
लाभ15:04 – 16:32शुभ
अमृत16:32 – 18:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:01 – 19:32सामान्य
रोग19:32 – 21:04टालें
काल21:04 – 22:36टालें
लाभ22:36 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:39टालें
शुभ01:39 – 03:11शुभ
अमृत03:11 – 04:42शुभ
चर04:42 – 06:14सामान्य

5 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 02:07, 6 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 00:34, 7 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 23:09 तक
आश्लेषा 22:17, 6 अक्टू॰ तक
योग
शिव 09:51 तक
सिद्ध 07:20, 6 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 14:59 तक
विष्टि (भद्रा) 02:07, 6 अक्टू॰ तक
बव 13:19, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:13
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
00:35
चंद्रास्त
14:43
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:42 – 09:10
यमगंड
10:39 – 12:07
गुलिक काल
13:35 – 15:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1307:12दिन
शनि07:1208:11दिन
गुरु08:1109:10दिन
मंगल09:1010:09दिन
सूर्य10:0911:08दिन
शुक्र11:0812:07दिन
बुध12:0713:06दिन
चंद्र13:0614:05दिन
शनि14:0515:04दिन
गुरु15:0416:03दिन
मंगल16:0317:02दिन
सूर्य17:0218:01दिन
शुक्र18:0119:02रात
बुध19:0220:03रात
चंद्र20:0321:04रात
शनि21:0422:05रात
गुरु22:0523:06रात
मंगल23:0600:07रात
सूर्य00:0701:08रात
शुक्र01:0802:09रात
बुध02:0903:11रात
चंद्र03:1104:12रात
शनि04:1205:13रात
गुरु05:1306:14रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।