30 जनवरी 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 30 जनवरी 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 30 जनवरी 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (06:34, 31 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (03:55, 31 जन॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 09:49 से 11:11 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 17:58
रात 07:06 तक
तिथि
नवमी, 06:34 तक
नक्षत्र
विशाखा, 03:55 तक
अनुराधा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:06 – 08:28टालें
शुभ08:28 – 09:49शुभ
रोग09:49 – 11:11टालें
उद्वेग11:11 – 12:32टालें
चर12:32 – 13:53सामान्य
लाभ13:53 – 15:15शुभ
अमृत15:15 – 16:36शुभ
काल16:36 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:58 – 19:36शुभ
उद्वेग19:36 – 21:15टालें
शुभ21:15 – 22:53शुभ
अमृत22:53 – 00:32शुभ
चर00:32 – 02:10सामान्य
रोग02:10 – 03:49टालें
काल03:49 – 05:27टालें
लाभ05:27 – 07:06शुभ

30 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण नवमी 06:34, 31 जन॰ तक
कृष्ण दशमी 08:41, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 03:55, 31 जन॰ तक
अनुराधा 06:28, 1 फ़र॰ तक
योग
गंडअशुभ 16:02 तक
वृद्धि 16:18, 31 जन॰ तक
करण
तैतिल 17:41 तक
गर 06:34, 31 जन॰ तक
वणिज 19:34, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 21:22 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
01:09
चंद्रास्त
11:52
दिनमान
10h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:49 – 11:11
यमगंड
13:53 – 15:15
गुलिक काल
07:06 – 08:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0608:01दिन
गुरु08:0108:55दिन
मंगल08:5509:49दिन
सूर्य09:4910:43दिन
शुक्र10:4311:38दिन
बुध11:3812:32दिन
चंद्र12:3213:26दिन
शनि13:2614:21दिन
गुरु14:2115:15दिन
मंगल15:1516:09दिन
सूर्य16:0917:03दिन
शुक्र17:0317:58दिन
बुध17:5819:03रात
चंद्र19:0320:09रात
शनि20:0921:15रात
गुरु21:1522:20रात
मंगल22:2023:26रात
सूर्य23:2600:32रात
शुक्र00:3201:37रात
बुध01:3702:43रात
चंद्र02:4303:49रात
शनि03:4904:55रात
गुरु04:5506:00रात
मंगल06:0007:06रात

अयनांश 24.2353° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।