3 सितंबर 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 सितंबर 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 सितंबर 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (14:19 तक), नक्षत्र हस्त (15:53 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 10:43 से 12:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:38
रात 05:59 तक
तिथि
तृतीया, 14:19 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
हस्त, 15:53 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:58 – 07:33सामान्य
लाभ07:33 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:43शुभ
काल10:43 – 12:18टालें
शुभ12:18 – 13:53शुभ
रोग13:53 – 15:28टालें
उद्वेग15:28 – 17:03टालें
चर17:03 – 18:38सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:38 – 20:03टालें
काल20:03 – 21:28टालें
लाभ21:28 – 22:53शुभ
उद्वेग22:53 – 00:18टालें
शुभ00:18 – 01:43शुभ
अमृत01:43 – 03:09शुभ
चर03:09 – 04:34सामान्य
रोग04:34 – 05:59टालें

3 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 14:19 तक
शुक्ल चतुर्थी 12:26, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
हस्त 15:53 तक
चित्रा 14:49, 4 सित॰ तक
योग
शुभ 10:56 तक
शुक्ल 08:14, 4 सित॰ तक
करण
गर 14:19 तक
वणिज 01:17, 4 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 12:26, 4 सित॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 03:16, 4 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
08:33
चंद्रास्त
20:08
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
10:43 – 12:18
यमगंड
15:28 – 17:03
गुलिक काल
07:33 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5807:02दिन
बुध07:0208:05दिन
चंद्र08:0509:08दिन
शनि09:0810:11दिन
गुरु10:1111:15दिन
मंगल11:1512:18दिन
सूर्य12:1813:21दिन
शुक्र13:2114:25दिन
बुध14:2515:28दिन
चंद्र15:2816:31दिन
शनि16:3117:34दिन
गुरु17:3418:38दिन
मंगल18:3819:34रात
सूर्य19:3420:31रात
शुक्र20:3121:28रात
बुध21:2822:25रात
चंद्र22:2523:21रात
शनि23:2100:18रात
गुरु00:1801:15रात
मंगल01:1502:12रात
सूर्य02:1203:09रात
शुक्र03:0904:05रात
बुध04:0505:02रात
चंद्र05:0205:59रात

अयनांश 24.2436° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।