6 सितंबर 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 6 सितंबर 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 सितंबर 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:58 तक), नक्षत्र विशाखा (14:59 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 07:34 से 09:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 18:34
रात 06:00 तक
तिथि
षष्ठी, 10:58 तक
सप्तमी
नक्षत्र
विशाखा, 14:59 तक
अनुराधा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:34शुभ
काल07:34 – 09:08टालें
शुभ09:08 – 10:43शुभ
रोग10:43 – 12:17टालें
उद्वेग12:17 – 13:51टालें
चर13:51 – 15:26सामान्य
लाभ15:26 – 17:00शुभ
अमृत17:00 – 18:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:34 – 20:00सामान्य
रोग20:00 – 21:26टालें
काल21:26 – 22:52टालें
लाभ22:52 – 00:17शुभ
उद्वेग00:17 – 01:43टालें
शुभ01:43 – 03:09शुभ
अमृत03:09 – 04:34शुभ
चर04:34 – 06:00सामान्य

6 सितंबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:58 तक
शुक्ल सप्तमी 11:28, 7 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 14:59 तक
अनुराधा 16:16, 7 सित॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 03:48, 7 सित॰ तक
विष्कंभअशुभ 03:36, 8 सित॰ तक
करण
तैतिल 10:58 तक
गर 23:07 तक
वणिज 11:28, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 08:47 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
11:42
चंद्रास्त
22:12
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
07:34 – 09:08
यमगंड
10:43 – 12:17
गुलिक काल
13:51 – 15:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0007:03दिन
शनि07:0308:05दिन
गुरु08:0509:08दिन
मंगल09:0810:11दिन
सूर्य10:1111:14दिन
शुक्र11:1412:17दिन
बुध12:1713:20दिन
चंद्र13:2014:23दिन
शनि14:2315:26दिन
गुरु15:2616:29दिन
मंगल16:2917:31दिन
सूर्य17:3118:34दिन
शुक्र18:3419:31रात
बुध19:3120:29रात
चंद्र20:2921:26रात
शनि21:2622:23रात
गुरु22:2323:20रात
मंगल23:2000:17रात
सूर्य00:1701:14रात
शुक्र01:1402:12रात
बुध02:1203:09रात
चंद्र03:0904:06रात
शनि04:0605:03रात
गुरु05:0306:00रात

अयनांश 24.2437° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।