31 अक्टूबर 2027 को वृंदावन का चौघड़िया

रविवार, 31 अक्टूबर 2027, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (17:13 तक), नक्षत्र विशाखा (09:31 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:28 पर और सूर्यास्त 17:36 पर है। राहुकाल 16:13 से 17:36 तक है।

दिन और रात
दिन 06:28 – 17:36
रात 06:29 तक
तिथि
द्वितीया, 17:13 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 09:31 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:28 – 07:52टालें
चर07:52 – 09:15सामान्य
लाभ09:15 – 10:39शुभ
अमृत10:39 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:26टालें
शुभ13:26 – 14:49शुभ
रोग14:49 – 16:13टालें
उद्वेग16:13 – 17:36टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:36 – 19:13शुभ
अमृत19:13 – 20:49शुभ
चर20:49 – 22:26सामान्य
रोग22:26 – 00:03टालें
काल00:03 – 01:39टालें
लाभ01:39 – 03:16शुभ
उद्वेग03:16 – 04:52टालें
शुभ04:52 – 06:29शुभ

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 17:13 तक
शुक्ल तृतीया 17:15, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 09:31 तक
अनुराधा 09:57, 1 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 20:56 तक
शोभन 19:54, 1 नव॰ तक
करण
कौलव 17:13 तक
तैतिल 05:09, 1 नव॰ तक
गर 17:15, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:28
सूर्यास्त
17:36
चंद्रोदय
08:10
चंद्रास्त
18:41
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:13 – 17:36
यमगंड
12:02 – 13:26
गुलिक काल
14:49 – 16:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2807:24दिन
शुक्र07:2408:20दिन
बुध08:2009:15दिन
चंद्र09:1510:11दिन
शनि10:1111:07दिन
गुरु11:0712:02दिन
मंगल12:0212:58दिन
सूर्य12:5813:53दिन
शुक्र13:5314:49दिन
बुध14:4915:45दिन
चंद्र15:4516:40दिन
शनि16:4017:36दिन
गुरु17:3618:40रात
मंगल18:4019:45रात
सूर्य19:4520:49रात
शुक्र20:4921:54रात
बुध21:5422:58रात
चंद्र22:5800:03रात
शनि00:0301:07रात
गुरु01:0702:11रात
मंगल02:1103:16रात
सूर्य03:1604:20रात
शुक्र04:2005:25रात
बुध05:2506:29रात

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।