17 जनवरी 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

सोमवार, 17 जनवरी 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 17 जनवरी 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (15:12 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (07:30 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:47 पर है। राहुकाल 08:30 से 09:49 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:47
रात 07:10 तक
तिथि
षष्ठी, 15:12 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त, 06:19 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:10 – 08:30शुभ
काल08:30 – 09:49टालें
शुभ09:49 – 11:09शुभ
रोग11:09 – 12:29टालें
उद्वेग12:29 – 13:48टालें
चर13:48 – 15:08सामान्य
लाभ15:08 – 16:27शुभ
अमृत16:27 – 17:47शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:47 – 19:27सामान्य
रोग19:27 – 21:08टालें
काल21:08 – 22:48टालें
लाभ22:48 – 00:29शुभ
उद्वेग00:29 – 02:09टालें
शुभ02:09 – 03:49शुभ
अमृत03:49 – 05:30शुभ
चर05:30 – 07:10सामान्य

17 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 15:12 तक
कृष्ण सप्तमी 13:32, 18 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 06:19, 18 जन॰ तक
चित्रा 05:43, 19 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:52 तक
सुकर्मा 17:23, 18 जन॰ तक
करण
वणिज 15:12 तक
विष्टि (भद्रा) 02:17, 18 जन॰ तक
बव 13:32, 18 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:47
चंद्रोदय
23:36
चंद्रास्त
10:34
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:30 – 09:49
यमगंड
11:09 – 12:29
गुलिक काल
13:48 – 15:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1008:03दिन
शनि08:0308:56दिन
गुरु08:5609:49दिन
मंगल09:4910:43दिन
सूर्य10:4311:36दिन
शुक्र11:3612:29दिन
बुध12:2913:22दिन
चंद्र13:2214:15दिन
शनि14:1515:08दिन
गुरु15:0816:01दिन
मंगल16:0116:54दिन
सूर्य16:5417:47दिन
शुक्र17:4718:54रात
बुध18:5420:01रात
चंद्र20:0121:08रात
शनि21:0822:15रात
गुरु22:1523:22रात
मंगल23:2200:29रात
सूर्य00:2901:36रात
शुक्र01:3602:42रात
बुध02:4203:49रात
चंद्र03:4904:56रात
शनि04:5606:03रात
गुरु06:0307:10रात

अयनांश 24.2488° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।