22 जनवरी 2028 को वृंदावन का चौघड़िया

शनिवार, 22 जनवरी 2028, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 22 जनवरी 2028 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:04 तक), नक्षत्र अनुराधा (07:35 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 09:50 से 11:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 17:51
रात 07:09 तक
तिथि
एकादशी, 13:04 तक
द्वादशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:09 – 08:30टालें
शुभ08:30 – 09:50शुभ
रोग09:50 – 11:10टालें
उद्वेग11:10 – 12:30टालें
चर12:30 – 13:50सामान्य
लाभ13:50 – 15:11शुभ
अमृत15:11 – 16:31शुभ
काल16:31 – 17:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:51 – 19:31शुभ
उद्वेग19:31 – 21:11टालें
शुभ21:11 – 22:50शुभ
अमृत22:50 – 00:30शुभ
चर00:30 – 02:10सामान्य
रोग02:10 – 03:50टालें
काल03:50 – 05:29टालें
लाभ05:29 – 07:09शुभ

22 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:04 तक
कृष्ण द्वादशी 14:23, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 09:18, 23 जन॰ तक
योग
वृद्धि 12:21 तक
ध्रुव 12:11, 23 जन॰ तक
करण
बालव 13:04 तक
कौलव 01:40, 23 जन॰ तक
तैतिल 14:23, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
03:41
चंद्रास्त
14:03
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:23 – 06:16
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
09:50 – 11:10
यमगंड
13:50 – 15:11
गुलिक काल
07:09 – 08:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0908:03दिन
गुरु08:0308:56दिन
मंगल08:5609:50दिन
सूर्य09:5010:43दिन
शुक्र10:4311:37दिन
बुध11:3712:30दिन
चंद्र12:3013:24दिन
शनि13:2414:17दिन
गुरु14:1715:11दिन
मंगल15:1116:04दिन
सूर्य16:0416:58दिन
शुक्र16:5817:51दिन
बुध17:5118:58रात
चंद्र18:5820:04रात
शनि20:0421:11रात
गुरु21:1122:17रात
मंगल22:1723:24रात
सूर्य23:2400:30रात
शुक्र00:3001:37रात
बुध01:3702:43रात
चंद्र02:4303:50रात
शनि03:5004:56रात
गुरु04:5606:03रात
मंगल06:0307:09रात

अयनांश 24.2490° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।