4 नवंबर 2029 को वृंदावन का चौघड़िया

रविवार, 4 नवंबर 2029, वृंदावन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 नवंबर 2029 को वृंदावन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (17:30 तक), नक्षत्र हस्त (16:19 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:33 पर है। राहुकाल 16:10 से 17:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:33
रात 06:32 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:30 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 16:19 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:31 – 07:54टालें
चर07:54 – 09:17सामान्य
लाभ09:17 – 10:39शुभ
अमृत10:39 – 12:02शुभ
काल12:02 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:47शुभ
रोग14:47 – 16:10टालें
उद्वेग16:10 – 17:33टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:33 – 19:10शुभ
अमृत19:10 – 20:48शुभ
चर20:48 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 00:02टालें
काल00:02 – 01:40टालें
लाभ01:40 – 03:17शुभ
उद्वेग03:17 – 04:55टालें
शुभ04:55 – 06:32शुभ

4 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 17:30 तक
कृष्ण चतुर्दशी 13:45, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 16:19 तक
चित्रा 13:21, 5 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 19:15 तक
प्रीति 14:57, 5 नव॰ तक
करण
गर 07:16 तक
वणिज 17:30 तक
विष्टि (भद्रा) 03:39, 5 नव॰ तक
शकुनि 13:45, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 02:51, 5 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:33
चंद्रोदय
04:12
चंद्रास्त
15:55
दिनमान
11h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
16:10 – 17:33
यमगंड
12:02 – 13:25
गुलिक काल
14:47 – 16:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3107:27दिन
शुक्र07:2708:22दिन
बुध08:2209:17दिन
चंद्र09:1710:12दिन
शनि10:1211:07दिन
गुरु11:0712:02दिन
मंगल12:0212:57दिन
सूर्य12:5713:52दिन
शुक्र13:5214:47दिन
बुध14:4715:43दिन
चंद्र15:4316:38दिन
शनि16:3817:33दिन
गुरु17:3318:38रात
मंगल18:3819:43रात
सूर्य19:4320:48रात
शुक्र20:4821:53रात
बुध21:5322:58रात
चंद्र22:5800:02रात
शनि00:0201:07रात
गुरु01:0702:12रात
मंगल02:1203:17रात
सूर्य03:1704:22रात
शुक्र04:2205:27रात
बुध05:2706:32रात

अयनांश 24.2739° (लाहिड़ी)। समय वृंदावन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।