3 अक्टूबर 2029 को वारंगल का चौघड़िया

बुधवार, 3 अक्टूबर 2029, वारंगल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 अक्टूबर 2029 को वारंगल में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (14:31 तक), नक्षत्र पुष्य (15:24 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 17:58
रात 06:02 तक
तिथि
दशमी, 14:31 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 15:24 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:02 – 07:31शुभ
अमृत07:31 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:31टालें
शुभ10:31 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:30टालें
उद्वेग13:30 – 14:59टालें
चर14:59 – 16:29सामान्य
लाभ16:29 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:58 – 19:29टालें
शुभ19:29 – 20:59शुभ
अमृत20:59 – 22:30शुभ
चर22:30 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:31टालें
काल01:31 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:32शुभ
उद्वेग04:32 – 06:02टालें

3 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 14:31 तक
कृष्ण एकादशी 13:02, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 15:24 तक
आश्लेषा 14:35, 4 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 03:04, 4 अक्टू॰ तक
साध्य 00:23, 5 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:31 तक
बव 01:52, 4 अक्टू॰ तक
बालव 13:02, 4 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
01:21
चंद्रास्त
14:28
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:14
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:24 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:30
यमगंड
07:31 – 09:01
गुलिक काल
10:31 – 12:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0207:02दिन
चंद्र07:0208:01दिन
शनि08:0109:01दिन
गुरु09:0110:01दिन
मंगल10:0111:00दिन
सूर्य11:0012:00दिन
शुक्र12:0013:00दिन
बुध13:0013:59दिन
चंद्र13:5914:59दिन
शनि14:5915:59दिन
गुरु15:5916:58दिन
मंगल16:5817:58दिन
सूर्य17:5818:58रात
शुक्र18:5819:59रात
बुध19:5920:59रात
चंद्र20:5921:59रात
शनि21:5923:00रात
गुरु23:0000:00रात
मंगल00:0001:00रात
सूर्य01:0002:01रात
शुक्र02:0103:01रात
बुध03:0104:01रात
चंद्र04:0105:02रात
शनि05:0206:02रात

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय वारंगल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।