18 सितंबर 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. का चौघड़िया

गुरुवार, 18 सितंबर 2025, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 18 सितंबर 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (13:55 तक), नक्षत्र आश्लेषा (21:35 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 14:34 से 16:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 19:11
रात 06:53 तक
तिथि
द्वादशी, 13:55 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 21:35 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:52 – 08:24शुभ
रोग08:24 – 09:57टालें
उद्वेग09:57 – 11:29टालें
चर11:29 – 13:01सामान्य
लाभ13:01 – 14:34शुभ
अमृत14:34 – 16:06शुभ
काल16:06 – 17:38टालें
शुभ17:38 – 19:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:11 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:06सामान्य
रोग22:06 – 23:34टालें
काल23:34 – 01:02टालें
लाभ01:02 – 02:30शुभ
उद्वेग02:30 – 03:57टालें
शुभ03:57 – 05:25शुभ
अमृत05:25 – 06:53शुभ

18 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 13:55 तक
कृष्ण त्रयोदशी 14:07, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 22:35, 19 सित॰ तक
योग
शिव 12:07 तक
सिद्ध 11:11, 19 सित॰ तक
करण
तैतिल 13:55 तक
गर 01:57, 19 सित॰ तक
वणिज 14:07, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 21:35 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
03:24
चंद्रास्त
17:51
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
14:34 – 16:06
यमगंड
06:52 – 08:24
गुलिक काल
09:57 – 11:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5207:54दिन
मंगल07:5408:55दिन
सूर्य08:5509:57दिन
शुक्र09:5710:58दिन
बुध10:5812:00दिन
चंद्र12:0013:01दिन
शनि13:0114:03दिन
गुरु14:0315:04दिन
मंगल15:0416:06दिन
सूर्य16:0617:07दिन
शुक्र17:0718:09दिन
बुध18:0919:11दिन
चंद्र19:1120:09रात
शनि20:0921:08रात
गुरु21:0822:06रात
मंगल22:0623:05रात
सूर्य23:0500:03रात
शुक्र00:0301:02रात
बुध01:0202:00रात
चंद्र02:0002:59रात
शनि02:5903:57रात
गुरु03:5704:56रात
मंगल04:5605:54रात
सूर्य05:5406:53रात

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।