14 मार्च 2028 को बोकारो का पंचांग

मंगलवार, 14 मार्च 2028, बोकारो, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 14 मार्च 2028 को बोकारो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (18:23 तक), नक्षत्र स्वाति (21:26 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:55 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:55 – 17:54
रात 05:54 तक
तिथि
चतुर्थी, 18:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
स्वाति, 21:26 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 18:23 तक
कृष्ण पंचमी 16:52, 15 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 21:26 तक
विशाखा 20:45, 15 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 02:15, 15 मार्च तक
हर्षण 00:06, 16 मार्च तक
करण
बव 07:26 तक
बालव 18:23 तक
कौलव 05:31, 15 मार्च तक
तैतिल 16:52, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:55
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
21:34
चंद्रास्त
07:50
दिनमान
11h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:24
यमगंड
08:54 – 10:24
गुलिक काल
11:54 – 13:24

14 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:55 – 07:25टालें
उद्वेग07:25 – 08:54टालें
चर08:54 – 10:24सामान्य
लाभ10:24 – 11:54शुभ
अमृत11:54 – 13:24शुभ
काल13:24 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:24शुभ
रोग16:24 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:54 – 19:24टालें
लाभ19:24 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:24टालें
शुभ22:24 – 23:54शुभ
अमृत23:54 – 01:24शुभ
चर01:24 – 02:54सामान्य
रोग02:54 – 04:24टालें
काल04:24 – 05:54टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5506:55दिन
सूर्य06:5507:54दिन
शुक्र07:5408:54दिन
बुध08:5409:54दिन
चंद्र09:5410:54दिन
शनि10:5411:54दिन
गुरु11:5412:54दिन
मंगल12:5413:54दिन
सूर्य13:5414:54दिन
शुक्र14:5415:54दिन
बुध15:5416:54दिन
चंद्र16:5417:54दिन
शनि17:5418:54रात
गुरु18:5419:54रात
मंगल19:5420:54रात
सूर्य20:5421:54रात
शुक्र21:5422:54रात
बुध22:5423:54रात
चंद्र23:5400:54रात
शनि00:5401:54रात
गुरु01:5402:54रात
मंगल02:5403:54रात
सूर्य03:5404:54रात
शुक्र04:5405:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां बोकारो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय बोकारो (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।