19 जनवरी 2025 को बोस्टन का पंचांग

रविवार, 19 जनवरी 2025, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

रविवार, 19 जनवरी 2025 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:29 तक), नक्षत्र हस्त (10:00, 20 जन॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 16:42 पर है। राहुकाल 15:30 से 16:42 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 16:42
रात 07:07 तक
तिथि
षष्ठी, 23:29 तक
सप्तमी
नक्षत्र
हस्त
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:29 तक
कृष्ण सप्तमी 02:10, 21 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:00, 20 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 15:27 तक
सुकर्मा 16:22, 20 जन॰ तक
करण
गर 10:12 तक
वणिज 23:29 तक
विष्टि (भद्रा) 12:48, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
16:42
चंद्रोदय
22:49
चंद्रास्त
09:56
दिनमान
9h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:12 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:14

अशुभ समय

राहुकाल
15:30 – 16:42
यमगंड
11:55 – 13:06
गुलिक काल
14:18 – 15:30

19 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:08 – 08:20टालें
चर08:20 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 10:43शुभ
अमृत10:43 – 11:55शुभ
काल11:55 – 13:06टालें
शुभ13:06 – 14:18शुभ
रोग14:18 – 15:30टालें
उद्वेग15:30 – 16:42टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:42 – 18:30शुभ
अमृत18:30 – 20:18शुभ
चर20:18 – 22:06सामान्य
रोग22:06 – 23:54टालें
काल23:54 – 01:43टालें
लाभ01:43 – 03:31शुभ
उद्वेग03:31 – 05:19टालें
शुभ05:19 – 07:07शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0807:56दिन
शुक्र07:5608:44दिन
बुध08:4409:31दिन
चंद्र09:3110:19दिन
शनि10:1911:07दिन
गुरु11:0711:55दिन
मंगल11:5512:43दिन
सूर्य12:4313:30दिन
शुक्र13:3014:18दिन
बुध14:1815:06दिन
चंद्र15:0615:54दिन
शनि15:5416:42दिन
गुरु16:4217:54रात
मंगल17:5419:06रात
सूर्य19:0620:18रात
शुक्र20:1821:30रात
बुध21:3022:42रात
चंद्र22:4223:54रात
शनि23:5401:07रात
गुरु01:0702:19रात
मंगल02:1903:31रात
सूर्य03:3104:43रात
शुक्र04:4305:55रात
बुध05:5507:07रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
21 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या
1 फ़र॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 फ़र॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 फ़र॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2025माघ पूर्णिमापूर्णिमा
12 फ़र॰ 2025कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2070° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।