27 मार्च 2025 को बोस्टन का पंचांग

गुरुवार, 27 मार्च 2025, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 27 मार्च 2025 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (13:33 तक), नक्षत्र शतभिषा (15:03 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 19:04 पर है। राहुकाल 14:23 से 15:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 19:04
रात 06:33 तक
तिथि
त्रयोदशी, 13:33 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
शतभिषा, 15:03 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 13:33 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:25, 28 मार्च तक
नक्षत्र
शतभिषा 15:03 तक
पूर्वा भाद्रपद 12:39, 28 मार्च तक
योग
शुभ 20:26 तक
शुक्ल 16:36, 28 मार्च तक
करण
वणिज 13:33 तक
विष्टि (भद्रा) 00:02, 28 मार्च तक
शकुनि 10:25, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
19:04
चंद्रोदय
05:44
चंद्रास्त
17:04
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:48
अभिजीत मुहूर्त
12:24 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
14:23 – 15:57
यमगंड
06:34 – 08:08
गुलिक काल
09:42 – 11:16

27 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:34 – 08:08शुभ
रोग08:08 – 09:42टालें
उद्वेग09:42 – 11:16टालें
चर11:16 – 12:49सामान्य
लाभ12:49 – 14:23शुभ
अमृत14:23 – 15:57शुभ
काल15:57 – 17:31टालें
शुभ17:31 – 19:04शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:04 – 20:30शुभ
चर20:30 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:22टालें
काल23:22 – 00:48टालें
लाभ00:48 – 02:14शुभ
उद्वेग02:14 – 03:41टालें
शुभ03:41 – 05:07शुभ
अमृत05:07 – 06:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3407:37दिन
मंगल07:3708:39दिन
सूर्य08:3909:42दिन
शुक्र09:4210:44दिन
बुध10:4411:47दिन
चंद्र11:4712:49दिन
शनि12:4913:52दिन
गुरु13:5214:54दिन
मंगल14:5415:57दिन
सूर्य15:5716:59दिन
शुक्र16:5918:02दिन
बुध18:0219:04दिन
चंद्र19:0420:02रात
शनि20:0220:59रात
गुरु20:5921:56रात
मंगल21:5622:54रात
सूर्य22:5423:51रात
शुक्र23:5100:48रात
बुध00:4801:46रात
चंद्र01:4602:43रात
शनि02:4303:41रात
गुरु03:4104:38रात
मंगल04:3805:35रात
सूर्य05:3506:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 अप्रैल 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2096° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।