4 सितंबर 2025 को बोस्टन का पंचांग

गुरुवार, 4 सितंबर 2025, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (18:38 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (14:14 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 14:20 से 15:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 19:12
रात 06:13 तक
तिथि
द्वादशी, 18:38 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 14:14 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 सितंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 18:38 तक
शुक्ल त्रयोदशी 17:43, 5 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 14:08, 5 सित॰ तक
योग
शोभन 04:22, 5 सित॰ तक
अतिगंडअशुभ 02:21, 6 सित॰ तक
करण
बव 06:50 तक
बालव 18:38 तक
कौलव 06:16, 5 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
17:53
चंद्रास्त
02:12
दिनमान
13h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:45 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
14:20 – 15:57
यमगंड
06:12 – 07:50
गुलिक काल
09:27 – 11:05

4 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:12 – 07:50शुभ
रोग07:50 – 09:27टालें
उद्वेग09:27 – 11:05टालें
चर11:05 – 12:42सामान्य
लाभ12:42 – 14:20शुभ
अमृत14:20 – 15:57शुभ
काल15:57 – 17:35टालें
शुभ17:35 – 19:12शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:12 – 20:35शुभ
चर20:35 – 21:57सामान्य
रोग21:57 – 23:20टालें
काल23:20 – 00:43टालें
लाभ00:43 – 02:05शुभ
उद्वेग02:05 – 03:28टालें
शुभ03:28 – 04:51शुभ
अमृत04:51 – 06:13शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1207:17दिन
मंगल07:1708:22दिन
सूर्य08:2209:27दिन
शुक्र09:2710:32दिन
बुध10:3211:37दिन
चंद्र11:3712:42दिन
शनि12:4213:47दिन
गुरु13:4714:52दिन
मंगल14:5215:57दिन
सूर्य15:5717:02दिन
शुक्र17:0218:07दिन
बुध18:0719:12दिन
चंद्र19:1220:07रात
शनि20:0721:02रात
गुरु21:0221:57रात
मंगल21:5722:53रात
सूर्य22:5323:48रात
शुक्र23:4800:43रात
बुध00:4301:38रात
चंद्र01:3802:33रात
शनि02:3303:28रात
गुरु03:2804:23रात
मंगल04:2305:18रात
सूर्य05:1806:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2157° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।