24 जनवरी 2026 को बोस्टन का पंचांग

शनिवार, 24 जनवरी 2026, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 24 जनवरी 2026 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (14:10 तक), नक्षत्र रेवती (03:05, 25 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 16:48 पर है। राहुकाल 09:30 से 10:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 16:48
रात 07:04 तक
तिथि
षष्ठी, 14:10 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रेवती, 03:05 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 14:10 तक
शुक्ल सप्तमी 12:40, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 03:05, 25 जन॰ तक
अश्विनी 02:03, 26 जन॰ तक
योग
सिद्ध 01:15, 25 जन॰ तक
साध्य 22:41, 25 जन॰ तक
करण
तैतिल 14:10 तक
गर 01:28, 25 जन॰ तक
वणिज 12:40, 25 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 03:05, 25 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
16:48
चंद्रोदय
09:46
चंद्रास्त
23:26
दिनमान
9h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:07
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
09:30 – 10:43
यमगंड
13:09 – 14:22
गुलिक काल
07:05 – 08:17

24 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:05 – 08:17टालें
शुभ08:17 – 09:30शुभ
रोग09:30 – 10:43टालें
उद्वेग10:43 – 11:56टालें
चर11:56 – 13:09सामान्य
लाभ13:09 – 14:22शुभ
अमृत14:22 – 15:35शुभ
काल15:35 – 16:48टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:48 – 18:35शुभ
उद्वेग18:35 – 20:22टालें
शुभ20:22 – 22:09शुभ
अमृत22:09 – 23:56शुभ
चर23:56 – 01:43सामान्य
रोग01:43 – 03:30टालें
काल03:30 – 05:17टालें
लाभ05:17 – 07:04शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:0507:53दिन
गुरु07:5308:42दिन
मंगल08:4209:30दिन
सूर्य09:3010:19दिन
शुक्र10:1911:07दिन
बुध11:0711:56दिन
चंद्र11:5612:45दिन
शनि12:4513:33दिन
गुरु13:3314:22दिन
मंगल14:2215:10दिन
सूर्य15:1015:59दिन
शुक्र15:5916:48दिन
बुध16:4817:59रात
चंद्र17:5919:10रात
शनि19:1020:22रात
गुरु20:2221:33रात
मंगल21:3322:44रात
सूर्य22:4423:56रात
शुक्र23:5601:07रात
बुध01:0702:18रात
चंद्र02:1803:30रात
शनि03:3004:41रात
गुरु04:4105:52रात
मंगल05:5207:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2212° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।