23 मार्च 2026 को बोस्टन का पंचांग

सोमवार, 23 मार्च 2026, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 23 मार्च 2026 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (09:08 तक), नक्षत्र कृत्तिका (11:19 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:46 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 18:59
रात 06:40 तक
तिथि
षष्ठी, 06:38 तक
नक्षत्र
कृत्तिका, 11:19 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 09:08 तक
शुक्ल षष्ठी 06:38, 24 मार्च तक
शुक्ल सप्तमी 04:20, 25 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:35, 24 मार्च तक
योग
प्रीति 23:37 तक
आयुष्मान 20:32, 24 मार्च तक
करण
बालव 09:08 तक
कौलव 19:52 तक
तैतिल 06:38, 24 मार्च तक
गर 17:27, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
08:54
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:55
अभिजीत मुहूर्त
12:26 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:46
यमगंड
11:18 – 12:51
गुलिक काल
14:23 – 15:55

23 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:42 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:46टालें
शुभ09:46 – 11:18शुभ
रोग11:18 – 12:51टालें
उद्वेग12:51 – 14:23टालें
चर14:23 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:27शुभ
अमृत17:27 – 18:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:59 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:22टालें
लाभ23:22 – 00:50शुभ
उद्वेग00:50 – 02:17टालें
शुभ02:17 – 03:45शुभ
अमृत03:45 – 05:12शुभ
चर05:12 – 06:40सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4207:43दिन
शनि07:4308:45दिन
गुरु08:4509:46दिन
मंगल09:4610:48दिन
सूर्य10:4811:49दिन
शुक्र11:4912:51दिन
बुध12:5113:52दिन
चंद्र13:5214:54दिन
शनि14:5415:55दिन
गुरु15:5516:57दिन
मंगल16:5717:58दिन
सूर्य17:5818:59दिन
शुक्र18:5919:58रात
बुध19:5820:56रात
चंद्र20:5621:55रात
शनि21:5522:53रात
गुरु22:5323:51रात
मंगल23:5100:50रात
सूर्य00:5001:48रात
शुक्र01:4802:46रात
बुध02:4603:45रात
चंद्र03:4504:43रात
शनि04:4305:42रात
गुरु05:4206:40रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैल 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अप्रैल 2026वैशाख अमावस्याअमावस्या
20 अप्रैल 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2234° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।