17 सितंबर 2027 को बोस्टन का पंचांग

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (21:14 तक), नक्षत्र रेवती (07:17, 18 सित॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 11:05 से 12:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:50
रात 06:27 तक
तिथि
द्वितीया, 21:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 21:14 तक
कृष्ण तृतीया 21:39, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:17, 18 सित॰ तक
योग
वृद्धि 23:33 तक
ध्रुव 22:49, 18 सित॰ तक
करण
तैतिल 08:51 तक
गर 21:14 तक
वणिज 09:30, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
19:14
चंद्रास्त
08:08
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:53 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 13:03

अशुभ समय

राहुकाल
11:05 – 12:38
यमगंड
15:44 – 17:17
गुलिक काल
07:59 – 09:32

17 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:26 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:32शुभ
अमृत09:32 – 11:05शुभ
काल11:05 – 12:38टालें
शुभ12:38 – 14:11शुभ
रोग14:11 – 15:44टालें
उद्वेग15:44 – 17:17टालें
चर17:17 – 18:50सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:50 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:44टालें
लाभ21:44 – 23:11शुभ
उद्वेग23:11 – 00:38टालें
शुभ00:38 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:33शुभ
चर03:33 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:27टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2607:28दिन
बुध07:2808:30दिन
चंद्र08:3009:32दिन
शनि09:3210:34दिन
गुरु10:3411:36दिन
मंगल11:3612:38दिन
सूर्य12:3813:40दिन
शुक्र13:4014:42दिन
बुध14:4215:44दिन
चंद्र15:4416:46दिन
शनि16:4617:48दिन
गुरु17:4818:50दिन
मंगल18:5019:48रात
सूर्य19:4820:46रात
शुक्र20:4621:44रात
बुध21:4422:42रात
चंद्र22:4223:40रात
शनि23:4000:38रात
गुरु00:3801:36रात
मंगल01:3602:34रात
सूर्य02:3403:33रात
शुक्र03:3304:31रात
बुध04:3105:29रात
चंद्र05:2906:27रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2441° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।