23 जनवरी 2029 को बोस्टन का पंचांग

मंगलवार, 23 जनवरी 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

मंगलवार, 23 जनवरी 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (05:13, 24 जन॰ तक), नक्षत्र भरणी (01:45, 24 जन॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 16:47 पर है। राहुकाल 14:21 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 16:47
रात 07:04 तक
तिथि
नवमी, 05:13 तक
दशमी
नक्षत्र
भरणी, 01:45 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 05:13, 24 जन॰ तक
शुक्ल दशमी 06:20, 25 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 01:45, 24 जन॰ तक
कृत्तिका 03:28, 25 जन॰ तक
योग
शुभ 01:12, 24 जन॰ तक
शुक्ल 01:01, 25 जन॰ तक
करण
बालव 16:24 तक
कौलव 05:13, 24 जन॰ तक
तैतिल 17:52, 24 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
16:47
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
01:02
दिनमान
9h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
14:21 – 15:34
यमगंड
09:31 – 10:43
गुलिक काल
11:56 – 13:09

23 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:05 – 08:18टालें
उद्वेग08:18 – 09:31टालें
चर09:31 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 11:56शुभ
अमृत11:56 – 13:09शुभ
काल13:09 – 14:21टालें
शुभ14:21 – 15:34शुभ
रोग15:34 – 16:47टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:47 – 18:34टालें
लाभ18:34 – 20:21शुभ
उद्वेग20:21 – 22:08टालें
शुभ22:08 – 23:56शुभ
अमृत23:56 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:30सामान्य
रोग03:30 – 05:17टालें
काल05:17 – 07:04टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0507:54दिन
सूर्य07:5408:42दिन
शुक्र08:4209:31दिन
बुध09:3110:19दिन
चंद्र10:1911:07दिन
शनि11:0711:56दिन
गुरु11:5612:44दिन
मंगल12:4413:33दिन
सूर्य13:3314:21दिन
शुक्र14:2115:10दिन
बुध15:1015:58दिन
चंद्र15:5816:47दिन
शनि16:4717:58रात
गुरु17:5819:10रात
मंगल19:1020:21रात
सूर्य20:2121:33रात
शुक्र21:3322:44रात
बुध22:4423:56रात
चंद्र23:5601:07रात
शनि01:0702:18रात
गुरु02:1803:30रात
मंगल03:3004:41रात
सूर्य04:4105:53रात
शुक्र05:5307:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2630° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।